🔹 ब्रिक्स देशों के लिए भारत बना डिजिटल नवाचार का पथप्रदर्शक
🔹 ‘संचार साथी’, ‘आधार’ और ‘संगम डिजिटल ट्विन’ बनीं वैश्विक मिसाल
भारत ने ब्रिक्स समूह में एक वर्चुअल क्षमता निर्माण सत्र की मेज़बानी कर एक बार फिर साबित कर दिया कि वह डिजिटल परिवर्तन और नागरिक-केंद्रित तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी है। यह सत्र दूरसंचार विभाग (DoT) के अधीन राष्ट्रीय संचार अकादमी – प्रौद्योगिकी (NCA-T), गाजियाबाद द्वारा आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) के बीच ICT (सूचना और संचार प्रौद्योगिकी) के क्षेत्र में सहयोग को मज़बूत करना, साझा चुनौतियों पर चर्चा करना और समाधान प्रस्तुत करना था। उद्घाटन भाषण ब्रिक्स अध्यक्ष श्री डैनियल कैवलकांति और भारत के एनसीए-टी के महानिदेशक श्री अतुल सिन्हा ने दिया।
चार विषय, एक दिशा: भविष्य का डिजिटल समाज
🔹 सत्र 1: मोबाइल उपयोगकर्ताओं को सशक्त बनाना
भारत की संचार साथी पहल को प्रस्तुत किया गया, जो उपयोगकर्ताओं को मोबाइल धोखाधड़ी से सुरक्षा, पारदर्शिता और समावेशी मोबाइल सेवाओं की गारंटी देती है। यह बताया गया कि कैसे डिजिटल संचार में विश्वास और समानता लाने के लिए नियामक ढांचे आवश्यक हैं।
🔹 सत्र 2: 21वीं सदी के लिए साइबर प्रतिस्कंदन
भारत और ब्राजील ने अपनी साइबर सुरक्षा रणनीतियां साझा कीं। सीमा-पार सहयोग, खतरे की त्वरित पहचान और प्रतिक्रिया पर ज़ोर दिया गया।
🔹 सत्र 3: डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI)
भारत ने आधार को डिजिटल सार्वजनिक ढांचे की नींव के रूप में प्रस्तुत किया, जिसने सेवा वितरण, डिजिटल समावेशन और पहचान आधारित योजनाओं को नया आयाम दिया है। चीन ने भी अपने डिजिटल सफर की झलक दी।
🔹 सत्र 4: डिजिटल ट्विन – भविष्य की रूपरेखा
भारत की महत्वाकांक्षी संगम डिजिटल ट्विन परियोजना को पेश किया गया, जिसमें AI आधारित, रीयल टाइम समाधान देने वाली तकनीक से सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की योजना और प्रबंधन को क्रांतिकारी बनाया जा रहा है।
भविष्य के लिए सहयोग की नींव
कार्यक्रम का समापन भारत के दूरसंचार विभाग के उप महानिदेशक श्री अविनाश अग्रवाल और ब्रिक्स अध्यक्ष श्री डैनियल कैवलकांति ने किया। दोनों ने डिजिटल सहयोग, साझा सीख और स्केलेबल समाधान तैयार करने की प्रतिबद्धता को दोहराया।
इन सत्रों ने ब्रिक्स देशों के लिए एक ऐसा मंच उपलब्ध कराया जहां डिजिटल चुनौतियों के उत्तर, नवाचार, और वैश्विक सहयोग का रास्ता स्पष्ट हुआ।
✅ मुख्य बिंदु संक्षेप में:
- मेज़बान देश: भारत
- आयोजक: दूरसंचार विभाग (DoT), NCA-T गाजियाबाद
- प्रमुख तकनीकी पहल: संचार साथी, आधार, संगम डिजिटल ट्विन
- लाभार्थी क्षेत्र: साइबर सुरक्षा, मोबाइल पारदर्शिता, डिजिटल समावेशन, सार्वजनिक अवसंरचना
- लक्ष्य: ब्रिक्स देशों में समावेशी, सुरक्षित और प्रतिस्पर्धी डिजिटल भविष्य का निर्माण
🟢 भारत ने फिर साबित किया – डिजिटल इंडिया सिर्फ़ एक अभियान नहीं, वैश्विक नेतृत्व की दिशा है।

