सोचिए ज़रा, आजकल एविएशन की दुनिया में क्या चर्चा में है? न तो सस्ते टिकट, न ही कोई नया लग्ज़री एयरक्राफ्ट… असली चर्चा ये है कि कई बड़ी एयरलाइंस चुपचाप पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से दूरी बना रही हैं। और ये कोई संयोग नहीं है। इसके पीछे कुछ पक्की वजहें हैं।
सबसे पहले सुरक्षा
साफ बात करें तो एयरलाइंस रूट बदलती हैं तो उसकी कोई मज़बूत वजह होती है। इस बार मामला सीधा है, सुरक्षा को लेकर सतर्कता। पाकिस्तान का एयरस्पेस भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘नो-फ्लाई ज़ोन’ घोषित नहीं हुआ है, लेकिन ज्यादातर कंपनियां अब खुद ही इससे बच रही हैं। इसकी वजह है इलाकाई तनाव, सुरक्षा को लेकर अनिश्चितताएं और पुरानी घटनाएं, जैसे 2019 में भारत-पाकिस्तान टकराव के समय एयरस्पेस बंद हुआ था।
यात्रियों पर असर कैसा?
अब आप सोच रहे होंगे कि इससे हमें क्या फर्क पड़ता है? फर्क पड़ता है जनाब। जब एयरलाइंस पाकिस्तान से होकर नहीं उड़तीं, तो यूरोप, मिडल ईस्ट और साउथ ईस्ट एशिया के बीच के कई रूट लंबे हो जाते हैं। इसका मतलब है, ज़्यादा उड़ान समय, ज़्यादा ईंधन और आखिर में… टिकटों का ज्यादा दाम। कुछ फ्लाइट्स को अब 15-20 मिनट ज़्यादा लगते हैं, सिर्फ़ इसलिए क्योंकि उन्हें चक्कर काटना पड़ता है।
किसने लिया ये फैसला?
दिलचस्प बात ये है कि ये कोई सरकार की ओर से दिया गया आदेश नहीं है। ये एयरलाइंस खुद का फैसला है, British Airways, Lufthansa, Emirates जैसी कंपनियों ने अपने आंतरिक रिस्क असेसमेंट के आधार पर रूट बदल दिए हैं। पाकिस्तान बार-बार कह रहा है कि उसका एयरस्पेस पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन एयरलाइंस ‘जोखिम उठाने से बेहतर, बचाव करना’ वाला रास्ता अपना रही हैं।
पाकिस्तान की तरफ से क्या कहा गया?
सरकारी तौर पर पाकिस्तान का कहना है कि उनका हवाई क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित और ऑपरेशनल है। लेकिन अगर बड़ी और सुरक्षा को लेकर सख्त एयरलाइंस उसे स्किप कर रही हैं, तो कुछ न कुछ चिंता तो ज़रूर है।
क्या जल्द सब सामान्य हो जाएगा?
शायद… लेकिन अभी नहीं। जब तक क्षेत्र में हालात स्थिर नहीं हो जाते और कंपनियों को लगातार सुरक्षा का भरोसा नहीं हो जाता, तब तक ये ‘बचाव’ वाला रुख बना रहेगा। एयरलाइंस को रूट में स्थिरता और भरोसे की जरूरत होती है, और फिलहाल वो नज़र नहीं आ रहा।
यात्रियों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
सीधा असर ये है कि कुछ रूट्स पर आपकी उड़ान थोड़ी लंबी हो सकती है और किराया थोड़ा ज्यादा। कोई बड़ा झटका नहीं है, लेकिन ये बात जानना ज़रूरी है। अगली बार जब आप लंबी उड़ान में हों और फ्लाइट ट्रैकिंग मैप में रास्ता सीधा नहीं, थोड़ा घूमता हुआ दिखे, तो समझ जाइए, शायद वो पाकिस्तान के ऊपर से नहीं उड़ रही है।


