Author: Karishmma Rathod Khann

Journalist, News Writer, Sub-Editor

भारत की परंपराएँ हर त्यौहार में एक गहरी आध्यात्मिकता और भावनात्मक जुड़ाव रखती हैं। दिवाली के पांच दिवसीय पर्व की शुरुआत जिस दिन से होती है, उसे कहा जाता है – वासु बारस। यह दिन गायों और उनके बछड़ों की पूजा के लिए समर्पित होता है। वासु बारस न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि यह कृषि संस्कृति, मातृत्व और करुणा का प्रतीक भी है। वासु बारस क्या है? वासु बारस (या वसुबारस) मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाई जाती है। इसे “गोवत्स द्वादशी” भी कहा जाता है — ‘गोवत्स’ यानी गाय का बछड़ा। इस दिन गाय…

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“मुझे मारने के लिए तुम्हारे पास कोई शक्ति नहीं, मेरे कर्म ही मेरी शक्ति हैं।” यह संवाद जिसने पंकज धीर को ‘महाभारत’ के कर्ण के रूप में अमर बना दिया, आज उसी संवाद की तरह उनकी ज़िंदगी भी प्रेरणा बन चुकी है। अभिनेता पंकज धीर, जिन्होंने 1988 में बी.आर. चोपड़ा की टीवी महागाथा महाभारत में कर्ण का किरदार निभाकर दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी, अब हमारे बीच नहीं रहे। बुधवार को 68 वर्ष की आयु में उन्होंने लंबी बीमारी के बाद मुंबई में अंतिम सांस ली। पंकज धीर का जन्म 9 नवंबर 1956 को पंजाब में हुआ। बचपन…

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एक चीज़ ऐसी जो दुनिया के लगभग हर देश में मिल जाती है। उसका स्वाद, उसका आकार, उसकी बनावट हर जगह अलग होती है। पर वह चीज़ एक ही रहती है। जी हाँ, मैं बात कर रही हूँ दुनिया में ब्रेड की। यह सिर्फ एक खाने की चीज़ नहीं है। यह इंसानी सभ्यता की कहानी है। यह हमारी संस्कृति का एक जीता-जागता हिस्सा है। आज, मैं आपको इसी की मंत्रमुग्ध कर देने वाली दुनिया में ले चलती हूँ। इस सवाल का जवाब ढूँढना थोड़ा मुश्किल है। क्योंकि यह बात हज़ारों साल पुरानी है। इतिहासकार मानते हैं कि लगभग 10,000 साल पहले, जब…

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चिया सीड्स को सुपरफूड के रूप में खूब सराहा जाता है। इनमें फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड और ऐंटिऑक्सीडेंट की भरपूर मात्रा होती है। इन्हें हेल्दी स्मूदी, सलाद और डेसर्ट में आमतौर पर शामिल किया जाता है। लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि भले ही चिया सीड्स सेहत के लिए फायदेमंद हों, ये हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं हैं। कुछ मामलों में इनका सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है, खासकर जब इन्हें गलत तरीके से या ज़रूरत से ज़्यादा मात्रा में खाया जाए। जिन लोगों को पाचन संबंधी समस्याएँ हैं, जैसे इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) या क्रोहन…

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आज जब लोगों ने गूगल खोला, तो उन्हें एक प्यारा सरप्राइज़ मिला — गूगल के होमपेज पर भारतीयों के लिए एक खास सरप्राइज नजर आया — जहाँ दुनिया के सबसे लोकप्रिय दक्षिण भारतीय व्यंजन इडली को समर्पित डूडल दिखाया गया। मुलायम, फूली हुई और चटनी के साथ परोसी जाने वाली यह पारंपरिक डिश आज गूगल के डूडल की शान बनी हुई है। इस बार का डूडल भारत के पारंपरिक साउथ इंडियन थाली की तरह डिज़ाइन किया गया था — केले के पत्ते पर सजी गरमागरम इडलियाँ, कुरकुरे वड़े, नारियल की चटनी और सांभर के साथ। यह सिर्फ़ एक खूबसूरत डिजाइन…

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Nestled quietly along the eastern banks of the Godavari River, Yanam is a town that feels like a secret waiting to be discovered. In 2025, it continues to charm travelers with its unique blend of French colonial heritage, Telugu culture, and peaceful riverside landscapes. Unlike the crowded tourist hubs, Yanam offers a slower, more intimate experience, where history, culture, and nature coexist seamlessly. Walking through the streets, the French influence is immediately visible in the architecture: quaint colonial-era buildings with high ceilings, shuttered windows, and delicate balconies. At the same time, the Telugu spirit manifests in colorful houses, local markets,…

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भारत में जब बात रिश्तों की आती है, तो हर त्योहार में एक कहानी छिपी होती है — कुछ भक्ति की, कुछ प्यार की और कुछ इंतज़ार की। करवा चौथ भी ऐसा ही त्योहार है, जहाँ इंतज़ार सिर्फ़ चाँद का नहीं होता, बल्कि उस पल का होता है जब प्यार और विश्वास का संगम नज़र आता है। हर साल कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाने वाला यह पर्व उत्तर भारत की महिलाओं के लिए बेहद ख़ास होता है। सुबह सूरज उगने से पहले सास द्वारा दी गई सरगी खाकर महिलाएँ पूरा दिन बिना खाए-पिए व्रत रखती…

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जीवन में उतार-चढ़ाव हमें आगे बढ़ने के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण हैं, क्योंकि ईसीजी में भी सीधी रेखा का मतलब है कि हम जीवित नहीं हैं। – रतन नवल टाटा भारत के महान उद्योगपति, परोपकारी और प्रेरणास्रोत रतन नवल टाटा का जन्म 28 दिसंबर 1937 को मुंबई में हुआ था। वे टाटा परिवार के एक प्रतिष्ठित सदस्य थे, लेकिन उनका बचपन बहुत सरल और संघर्षों से भरा रहा। जब वे सिर्फ दस वर्ष के थे, तभी उनके माता-पिता अलग हो गए। इसके बाद उनका पालन-पोषण उनकी दादी नवजबाई टाटा ने किया। उन्होंने रतन को सादगी, अनुशासन और ईमानदारी का महत्व सिखाया…

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Halloween is one of those holidays that sneaks up on us every year, and in 2025, it will be celebrated on 31 October. Suddenly, streets are lined with glowing pumpkins, and children are running around in costumes, laughing and collecting candy. But have you ever stopped to wonder why we celebrate Halloween? Where did all these spooky traditions come from, and why do we still enjoy them today? The story of Halloween stretches back thousands of years, blending ancient customs, religious influences, and a little bit of fun that has endured across generations. The origins of Halloween can be traced…

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“कर्म ही मनुष्य का असली धर्म है, भक्ति और तप के बिना जीवन अधूरा है।” – महर्षि वाल्मीकि महर्षि वाल्मीकि का नाम भारतीय साहित्य और संस्कृति में स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है। वे केवल संस्कृत के आदिकवि नहीं थे, बल्कि जीवन में परिवर्तन, भक्ति और नैतिकता का प्रतीक भी थे। उनकी कथा हमें यह सिखाती है कि जीवन की कठिन परिस्थितियों और अज्ञान से भी ज्ञान और भक्ति की ओर बढ़ा जा सकता है। वाल्मीकि का जन्म महर्षि कश्यप और अदिति के वंश में हुआ। उनके पिता का नाम वरुण था और माता का नाम चर्षणी। उनके भाई का…

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