सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 3200 से ज्यादा अंक टूट गया और निफ्टी 21,900 के नीचे फिसल गया। इस गिरावट की बड़ी वजह है अमेरिका की नई टैरिफ पॉलिसी, जिससे पूरी दुनिया के मार्केट हिल गए हैं।
क्या है गिरावट की बड़ी वजह?
1. ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सभी देशों से आने वाले सामान पर 10% का इम्पोर्ट टैक्स लगा दिया है। भारत, चीन और यूरोपियन यूनियन पर यह टैक्स और भी ज्यादा है – भारत पर 26%, चीन पर 34% और EU पर 20%। इस फैसले से ट्रेड वॉर का खतरा बढ़ गया है।
2. ग्लोबल मार्केट्स में मंदी:
टैरिफ की खबर के बाद एशियाई बाजारों में हाहाकार मच गया। जापान का निक्केई लगभग 8% गिर गया। चीन और भारत जैसे देशों में भी स्टॉक्स तेजी से टूटे।
3. रिसेशन का डर:
ट्रेड वॉर की वजह से अब ग्लोबल इकोनॉमी पर मंदी का खतरा मंडरा रहा है। जेपी मॉर्गन ने 2025 में रिसेशन की संभावना 60% तक बढ़ा दी है। पहले यह 40% थी।
4. इन्वेस्टर्स का कॉन्फिडेंस हिला:
बिज़नेस और ट्रेड में अनिश्चितता के कारण कंपनियों ने खर्च और निवेश घटा दिया है। इससे शेयर बाजार में और गिरावट आई है।
भारत पर क्या असर पड़ा?
इस गिरावट से भारतीय इन्वेस्टर्स के लगभग ₹20.16 लाख करोड़ डूब गए। आईटी, मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट बेस्ड सेक्टर्स को बड़ा झटका लगा है। ग्लोबल डिमांड में गिरावट इन सेक्टर्स पर सीधा असर डाल रही है।
क्या बोले ट्रंप और एक्सपर्ट्स?
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ये टैरिफ ज़रूरी हैं ताकि अमेरिका को ट्रेड में हो रहे नुकसान की भरपाई हो सके। उन्होंने माना कि मार्केट में अभी दिक्कत होगी, लेकिन लंबी अवधि में इससे फायदा होगा।
वहीं इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट बिल ऐकमैन ने इसे “इकोनॉमिक न्यूक्लियर विंटर” कहा और सुझाव दिया कि 90 दिनों तक टैरिफ पर ब्रेक लगाया जाए, ताकि असर को समझा जा सके।
अब क्या करें इन्वेस्टर्स?
हालात अस्थिर हैं और ट्रेड वार अभी और गहराने की आशंका है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि निवेशक जल्दबाज़ी में कोई फैसला न लें। सतर्क रहें, और बाजार की हर हलचल पर नजर रखें।


