मुंबई इन दिनों भारी बारिश से जूझ रही है। पिछले 84 घंटों में शहर पर करीब 500 मिमी बारिश हुई है। भारत मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बारिश ने आम लोगों की ज़िंदगी और शहर की रफ़्तार दोनों को थाम दिया है।
बारिश से हालात बिगड़ते देख बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने सभी स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर बंद करने का आदेश दिया। प्राइवेट कंपनियों से भी कहा गया कि कर्मचारियों को घर से काम करने दिया जाए, ताकि लोग बाहर निकलने से बचें।
मुंबई की पहचान कही जाने वाली लोकल ट्रेनें भी पानी भरने से प्रभावित हुईं। कई जगह ट्रेनें धीमी हो गईं या रूट बदलने पड़े। हालांकि रेलवे ने भरोसा दिलाया कि ट्रेनें पूरी कोशिश से चलती रहेंगी।
शहर की बड़ी सड़कों जैसे गोरेगांव, अंधेरी, कुर्ला, चेंबूर, दादर और किंग्स सर्कल में पानी भर गया है। अंधेरी जैसे कई सबवे घंटों तक बंद रहे। BEST बसों की 30 से ज़्यादा रूट भी या तो बदले गए या फिर बंद करने पड़े।
मुंबई एयरपोर्ट से उड़ानों पर भी बारिश का असर दिखा। कई फ्लाइट्स देरी से चलीं। एयरलाइंस ने यात्रियों से कहा है कि हवाई अड्डे आने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस ज़रूर चेक कर लें।
दुर्भाग्य से बारिश ने लोगों की जान भी ली। मुंबई में दो लोगों की मौत हुई एक की दीवार गिरने से और दूसरे की करंट लगने से। एक व्यक्ति का अब तक पता नहीं चला है जो मीठी नदी में बह गया। महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में भी अब तक 7 और लोगों की मौत हो चुकी है।
नालासोपारा और विरार जैसे इलाकों में पानी घरों के अंदर तक घुस गया है, जिससे लोग परेशान हैं।
IMD ने मुंबई के साथ-साथ ठाणे, पालघर, रायगढ़ और पुणे घाट क्षेत्रों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट दिया है। साथ ही तेज़ हवाएँ चलने की भी चेतावनी दी गई है।
हर साल की तरह इस बार भी बारिश ने मुंबई की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। ऊँची लहरें (हाई टाइड) समुद्र किनारे के इलाकों में पानी भरने का खतरा और बढ़ा देती हैं। ऊपर से नालों की सफाई, अवैध निर्माण और जर्जर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी समस्याओं ने हालात और बिगाड़ दिए।
लोगों को फिर से 2005 की भयावह बाढ़ की याद दिला दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि बार-बार ऐसी मुसीबतों से बचने के लिए अब मुंबई को मजबूत और लंबे समय तक टिकने वाला शहरी योजना और इंफ्रास्ट्रक्चर चाहिए।


