मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकसित उत्तर प्रदेश मिशन के तहत राज्य को वर्ष 2047 तक पूर्ण विकसित बनाने का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। विधानसभा के विशेष 24 घंटे के सत्र में बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह मिशन केवल सरकार का कार्यक्रम नहीं, बल्कि हर नागरिक की साझी जिम्मेदारी है|
मुख्यमंत्री ने विज़न दस्तावेज़ 2047 को राज्य की प्रगति का आधार बताते हुए इसमें शून्य गरीबी, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा, उच्च प्रति व्यक्ति आय, और तकनीकी विकास को प्रमुख लक्ष्य बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को आने वाले 25 वर्षों में देश की आर्थिक प्रगति का इंजन बनाना होगा।
योगी आदित्यनाथ ने 2017 से 2025 के बीच की आर्थिक उपलब्धियां गिनाईं राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) ₹12.71 लाख करोड़ से बढ़कर ₹29 लाख करोड़ से अधिक हो गया है, निवेश का आंकड़ा ₹40 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है, और प्रति व्यक्ति आय में लगभग 50% की वृद्धि दर्ज की गई है।
जनभागीदारी पर जोर
सरकार ने जनता को योजना प्रक्रिया में सीधे जोड़ने के लिए QR कोड प्रणाली का उपयोग शुरू किया है, जिसके जरिए नागरिक अपने सुझाव सीधे विधानसभा को भेज सकते हैं। योगी ने इसे “विकसित यूपी” के सपने को सामूहिक प्रयासों से साकार करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया।
2047 का विजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047, जब देश अपनी स्वतंत्रता का शताब्दी वर्ष मना रहा होगा, तब उत्तर प्रदेश को आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी दृष्टि से अग्रणी राज्य के रूप में प्रस्तुत करना उनका लक्ष्य है। इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, और उद्योग जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश और सुधार की योजनाएं बनाई जा रही हैं।
उन्होंने विधानसभा में मौजूद सभी जनप्रतिनिधियों और जनता से आह्वान किया “यह मिशन तभी सफल होगा जब हर नागरिक इसे अपना मिशन माने। विकसित यूपी का सपना केवल सरकार का नहीं, हम सबका है।”


