मुंबई के लोग अब एक्स-रे, सोनोग्राफी और दूसरी मेडिकल जांच के लिए लंबी कतारों में खड़े हुए बिना, अपने घर के पास ही निजी लैब में ये सुविधाएं ले सकेंगे। बीएमसी ने शहर की चुनिंदा निजी लैब के साथ करार किया है, जहां ये सभी जांच सरकारी तय दरों पर उपलब्ध होंगी।
कैसे मिलेगी यह सुविधा?
सरकार की इस योजना के तहत मरीजों को ‘आपला दवाखाना’ से एक वाउचर मिलेगा। इस वाउचर को दिखाकर निजी लैब में एक्स-रे, ईसीजी, सोनोग्राफी, मैमोग्राफी जैसी जांच करवाई जा सकेगी।
कितने लगेंगे पैसे?
सरकारी दरों के मुताबिक, निजी लैब में एक्स-रे 30 रुपये, ईसीजी 20 रुपये, सोनोग्राफी 50 रुपये और मैमोग्राफी 225 रुपये में होगी। इसके अलावा, एमआरआई के लिए 2,500 रुपये और सिटी स्कैन के लिए 1,200 रुपये का शुल्क तय किया गया है। एमआरआई और सिटी स्कैन पर बीएमसी कोई अतिरिक्त सब्सिडी नहीं देगी।
मनपा भर रही है बाकी खर्च
निजी लैब और सरकारी दरों में जो अंतर होगा, उसकी भरपाई बीएमसी करेगी। हर महीने, वाउचर के आधार पर निजी लैब को ये राशि दी जाएगी। इससे मरीजों को कम खर्च में अच्छी सुविधा मिल सकेगी।
जांच की सीमा तय
हर वार्ड के आपला दवाखाना में जांच की संख्या तय की गई है। एक वार्ड में रोजाना 20 एक्स-रे, 5 सोनोग्राफी और 5 ईसीजी तक की जांच होगी। इससे जरूरतमंद मरीजों को प्राथमिकता दी जा सकेगी।
हालांकि, मुंबई के स्लम इलाकों में निजी लैब कम होने से समस्या बनी हुई है। इन इलाकों के मरीजों को जांच के लिए दूर जाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें अतिरिक्त यात्रा खर्च उठाना पड़ता है। बीएमसी को इन क्षेत्रों में भी सुविधा बढ़ाने की जरूरत है, ताकि हर कोई इस योजना का लाभ उठा सके।


