प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 अक्टूबर 2025 को दोपहर में नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे। यह मुंबई महानगर क्षेत्र का दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा और मुंबई के दक्षिण से लगभग 37 किलोमीटर दूर उलवे क्षेत्र में स्थित है। हवाई अड्डा आदानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स और महाराष्ट्र सरकार के संयुक्त उपक्रम द्वारा विकसित किया गया है।
डिज़ाइन और संरचना के मामले में यह हवाई अड्डा बेहद खास है। लंदन स्थित प्रमुख आर्किटेक्ट्स द्वारा डिज़ाइन किया गया यह हवाई अड्डा कमल के फूल से प्रेरित है, जो भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। पहले चरण में हवाई अड्डा 20 मिलियन यात्रियों की वार्षिक क्षमता के साथ दो समानांतर ‘कोड F’ रनवे प्रदान करेगा, जो बड़े वाणिज्यिक विमानों के संचालन में सक्षम होंगे।
यात्रियों की सुविधा के लिए हवाई अड्डे में 66 चेक-इन काउंटर, 22 स्व-चेक-इन और बैगेज ड्रॉप प्वाइंट, 29 एरोब्रिज, 10 बस बोर्डिंग गेट्स और 102 खुदरा स्टोर उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, 80 कमरे वाला ट्रांज़िट होटल और बच्चों के लिए विशेष क्षेत्र भी बनाया गया है।
सततता को ध्यान में रखते हुए हवाई अड्डा 47 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन, वर्षा जल संचयन, जल पुनः उपयोग और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग जैसी पर्यावरणीय पहलाओं के साथ डिज़ाइन किया गया है। सुरक्षा और तकनीकी सुविधाओं में अत्याधुनिक सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक चेक-इन और स्मार्ट बैगेज ट्रैकिंग शामिल हैं, जो यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
परिवहन कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए नवी मुंबई मेट्रो लाइन 3 और शटल बस सेवाओं का उपयोग किया जाएगा। शुरुआत में बेलापुर, सीवूड्स और नेरुल रेलवे स्टेशनों से शटल बसें उपलब्ध होंगी। भविष्य में तारघर स्टेशन से भी कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी।
हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्रों, जैसे कि तलोजा, उलवे, पनवेल और ड्रोनागिरी में ₹1 करोड़ से कम बजट में आवासीय विकल्प उपलब्ध हैं, जिससे यह निवेशकों और घर खरीदारों के लिए भी आकर्षक बन रहा है।
उद्घाटन के बाद, वाणिज्यिक उड़ान संचालन दिसंबर 2025 से शुरू होने की संभावना है। हवाई अड्डे के शुरू होने से मुंबई महानगर क्षेत्र में हवाई यातायात की क्षमता में वृद्धि होगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ प्राप्त होंगी।
नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा न केवल मुंबई के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। यह भारतीय हवाई परिवहन क्षेत्र में नए मानक स्थापित करेगा और देश की कनेक्टिविटी को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।


