AI अब केवल तकनीक नहीं, बल्कि विश्व अर्थव्यवस्था का नया इंजन है। डेटा और इन्फ्रास्ट्रक्चर वाले देश अब भविष्य तय कर रहे हैं।
अमेरिका की ताकत
2024 में अमेरिका ने ₹9 लाख करोड़ का निवेश किया, 2025 में यह ₹26 लाख करोड़ हुआ। AI से GDP में 1.1% की वृद्धि हुई। 2035 तक यह 1.5% और बढ़ेगा। हालाँकि, अमेरिका पर $38 ट्रिलियन का कर्ज है।
चीन के साथ प्रतिस्पर्धा
अमेरिका ने 40 AI मॉडल बनाए, चीन ने 20। ओपन-सोर्स में चीन आगे है, लेकिन अमेरिका की बढ़त 2 वर्ष की है।
भारत — उभरती शक्ति
भारत 7वें स्थान पर है AI निवेश में, लगभग ₹92,000 करोड़ के साथ। भारत में 152 डेटा सेंटर हैं, जो 2030 तक पाँच गुना बढ़ेंगे। Digital India और Make in India इसे AI-सर्विस हब बना रहे हैं।
भारत–अमेरिका व्यापार समझौता
अमेरिका ने 30+ देशों से टैरिफ डील की हैं।भारत सावधानीपूर्वक बातचीत कर रहा है, और समझौता बहुत निकट है। यह डील डिजिटल व्यापार को नई दिशा देगी।
क्रिप्टो और सोना-चाँदी
- ब्लॉकचेन वित्त जगत को बदल रहा है।
- बिटकॉइन $150,000 तक जा सकता है।
- सोना घटा है, पर 2026 में $4,000 से ऊपर हो सकता है।
AI नई अर्थव्यवस्था का इंजन है।
“जिसके पास डेटा है, उसके पास नेतृत्व है।”

सचिव — इंटरनेशनल बिज़नेस फाउंडेशन (IBF)
निदेशक — रेनीस एग्रो इंटरनेशनल LLP, अहमदाबाद, भारत
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