सोमवार 10.11.2025, शाम के करीब 6:45 – 6:50 बजे के आस पास, दिल्ली के लाल किला के पास एक ऐसा धमाका हुआ जिसने पूरी राजधानी को झकझोर दिया। यह धमाका लाल किला मेट्रो स्टेशन गेट न. 1 के ट्राफिक सिग्नल के बाहर हुआ, जहां से लाखों लोगों का रोज का आना जाना रहता है। पास में ही लाल मंदिर, गुरद्वार सीसगंज साहेबऔर गौरी शंकर मंदिर है।
रोजाना लोग चांदनी चौक और लाल किला घूमने आते हैं। उस रात भी बाजार लगा हुआ था, लोगों की भीड़ थी, और सब कुछ सामान्य चल रहा था। लेकिन अचानक एक सेकंड में यह खुशहाल माहौल तहस-नहस हो गया।
विस्फोट हुंडई i20 गाड़ी के अंदर हुआ, जो लाल किला की ओर धीमी गति से जा रही थी। विस्फोट के बाद आसपास की कई गाड़ियां भी आग की चपेट में आ गईं और इलाके में भगदड़ मच गई।
देशवाले के अज़ीम ख़ान ने दिल्ली के एक ऑटोरिक्शा चालक से बात की जो रोजाना उसी रूट पर ऑटो चलाता है, उस ऑटो चालक ने बताया — “सोमवार 10 11 2025 से मैं सुबह से उसी जगह के कई चक्कर मार चुका था।” उन्होंने बताया — “विस्फोट की आवाज बहुत भयानक थी, विस्फोट के बाद चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। लोगों के शव सड़क पर पड़े थे। लोग अपने परिवार वालों को ढूंढ रहे थे। ये हादसा दिल्ली के लिए बहुत शर्मनाक है। हम सब इस समय बहुत डरे हुए हैं।”
इस विस्फोट में 9 निर्दोष लोगों की जान चली गई और 20-21 लोग अभी भी जिंदगी और मौत के बीच लड़ रहे हैं। जिस लाल किला पर हर 15 अगस्त को देश के प्रधानमंत्री तिरंगा फहराते हैं, जहां से 26 जनवरी को परेड का आरंभ होता है उसी लाल किला के पास यह घटना ने दिल्ली और पूरे भारत को डर में डाल दिया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार धमाके में शहीद हुए लोगों शरीर के टुकड़े सड़क के चारों तरफ फेल गए। कुछ शवों को बैटरी रिक्शा में डाल के ले जाया गया। लोग डर कर इधर उधर भागने लगे।
जिस राजधानी से सरकार चलती है, वहां की सुरक्षा इतनी कमजोर कैसे हो सकती है? जिस लाल किला में हाई सिक्योरिटी होती है, वहां यह ब्लास्ट खुद-ब-खुद कई सवाल खड़े करता है।
बार-बार इस तरह के ब्लास्ट होना देश की सुरक्षा को कमजोर साबित करता है। दिल्ली इससे पहले भी ऐसी घटनाएं झेल चुकी है। अगर बात पहलगाम हमले और अब इस ब्लास्ट की करें, तो लगता है कि आम नागरिकों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
क्या अब आम नागरिक डर-डर कर अपने घर से बाहर निकलेगा?
अगर इस तरह के हादसे होते रहे तो आम नागरिक खुलकर कैसे जिएगा, कैसे व्यापार करेगा? लाल किला के बाहर और आसपास कई ऐसे लोग हैं जो वहां व्यापार करते हैं। हजारों लोग अलग-अलग शहरों से लाल किला घूमने के लिए आते हैं। इन सबके चलते अब न तो विजिटर आने की हिम्मत करेगा और न ही कोई व्यापार करने की।
घटना के बाद दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच शुरू कर दी है और आतंकवाद के संदेह में यूएपीए (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी जांच की निगरानी बढ़ाई है, और देश के अन्य बड़े शहरों में भी हाई अलर्ट जारी किया है।
यह हादसा वाकई निंदनीय है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है, जिसे हमारे देश के गृह मंत्री और प्रधानमंत्री को बड़े गंभीर रूप से देखना चाहिए। सरकार चाहे जो भी हो, लेकिन जब बात देश की हो तो सबको एकजुट होकर इसका सामना करना चाहिए। आखिर बात हमारे देश की है, न कि किसी व्यक्ति विशेष की।
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