भारत भर की 1000 से अधिक शैक्षणिक संस्थाओं के छात्रों ने भाग लिया
कमोडिटी बाजारों पर छात्रों के लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख शैक्षणिक क्विज एमसीएक्स-आईपीएफ कॉमक्वेस्ट 2026 का 8वां संस्करण 27 फरवरी 2026 को भव्य फाइनल के साथ सफलतापूर्वक समाप्त हो गया। एमसीएक्स इंवेस्टर प्रोटेक्शन फंड (एमसीएक्स-आईपीएफ) द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में 12,000 से अधिक छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसमें भारत के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 1000 से अधिक शैक्षणिक संस्थाओं से 300 से अधिक शहरों के छात्रों ने पंजीकरण कराया।
इस वर्ष के संस्करण में विभिन्न प्रबंधन संस्थानों, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्रों ने भाग लिया, जो कमोडिटी डेरिवेटिव्स बाजारों और भारत की वित्तीय इकोसिस्टम में उनकी भूमिका को समझने के प्रति छात्रों में बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
प्रतिभागियों का मूल्यांकन कमोडिटी बाजारों के ज्ञान और विश्लेषणात्मक समझ के आधार पर तीन महीने तक चलने वाली बहु-चरणीय प्रतियोगिता के माध्यम से सावधानीपूर्वक किया गया। चयन प्रक्रिया में स्क्रीनिंग राउंड, केस-आधारित मूल्यांकन और इंटरएक्टिव मूल्यांकन प्रारूप शामिल थे, जिन्हें विचार की स्पष्टता, बाजार जागरूकता और अनुप्रयोग कौशलों की जांच के लिए डिज़ाइन किया गया था।
ज़ोनल राउंड प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों में आयोजित किए गए, जिनका समापन मुंबई विश्वविद्यालय, मुंबई स्थित ग्रीन टेक्नोलॉजी ऑडिटोरियम में भव्य फाइनल के साथ हुआ। फाइनल में देश भर की शीर्ष टीमें एकत्र हुईं, जिन्होंने असाधारण ज्ञान की गहराई और प्रतिस्पर्धी उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया।
2019 में शुरू की गई एमसीएक्स-आईपीएफ कॉमक्वेस्ट, एमसीएक्स इंवेस्टर प्रोटेक्शन फंड (एमसीएक्स-आईपीएफ) की प्रमुख वित्तीय साक्षरता पहल है। यह प्रतियोगिता एमसीएक्स-आईपीएफ के निरंतर निवेशक जागरूकता और शिक्षा प्रयासों का अभिन्न अंग है, जिसका उद्देश्य युवाओं में कमोडिटी डेरिवेटिव्स बाजारों की समझ बढ़ाना है। वर्षों के दौरान कॉमक्वेस्ट एक विश्वसनीय राष्ट्रीय मंच के रूप में विकसित हुआ है, जो शिक्षा जगत और कमोडिटी बाजार व्यवस्था (एक्सचेंज, क्लियरिंग निगम और बाजार मध्यस्थों सहित) के बीच सार्थक जुड़ाव को प्रोत्साहित करता है।
एमसीएक्स की प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती प्रवीणा राय ने कहा,
“आज कमोडिटी बाजार वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, मैक्रोइकॉनॉमिक परिवर्तनों और स्थिरता से जुड़े बदलावों के केंद्र में हैं। भारत के कमोडिटी डेरिवेटिव्स एक्सचेंज के रूप में एमसीएक्स का मानना है कि बाजार विकास का अगला चरण न केवल उत्पाद नवाचार और नियामक विकास से, बल्कि जानकार और विश्लेषणात्मक रूप से कुशल बाजार प्रतिभागियों द्वारा भी संचालित होगा।
एमसीएक्स-आईपीएफ कॉमक्वेस्ट वर्षों में एक साधारण क्विज से विकसित होकर एक संरचित राष्ट्रीय मंच बन गया है, जो छात्रों को बाजार संकेतों की व्याख्या करने, हेजिंग फ्रेमवर्क समझने और जोखिम प्रबंधन की अनुशासनबद्धता को परखने की चुनौती देता है। भागीदारी की बढ़ती गहराई और विविधता कमोडिटी बाजारों के मुख्य वित्तीय और आर्थिक चर्चाओं में बढ़ते एकीकरण को प्रतिबिंबित करती है।
जैसे-जैसे वैश्विक अस्थिरता के चक्र तीव्र होते जा रहे हैं और भारत वैश्विक व्यापार तथा उत्पादन में अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है, डेरिवेटिव्स विशेषज्ञता और बाजार बुद्धिमत्ता वाले पेशेवरों की मांग बढ़ेगी। कॉमक्वेस्ट जैसी पहलों के माध्यम से हम उस क्षमता पाइपलाइन को विकसित करने और अधिक लचीली तथा उन्नत कमोडिटी इकोसिस्टम के लिए उद्योग-शैक्षणिक इंटरफेस को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
फाइनलिस्टों ने आईआईएम-त्रिची, आईआईएम-उदयपुर, आईसीएफएआई-हैदराबाद, एनआईएसएम-मुंबई, वाम्निकॉम-पुणे, आईआईएफटी-कोलकाता, एक्सएलआरआई-जमशेदपुर और आईएमआई-नई दिल्ली सहित प्रमुख संस्थानों का प्रतिनिधित्व किया, जो इस पहल के व्यापक राष्ट्रीय दायरे को दर्शाता है।
एमसीएक्स-आईपीएफ कॉमक्वेस्ट 2026 के 8वें संस्करण के विजेता आईएमआई – नई दिल्ली के पार्थ बंसल रहे, जबकि प्रथम उपविजेता एनआईएसएम मुंबई के रुशिकेश उगले और द्वितीय उपविजेता एक्सएलआरआई जमशेदपुर के शुभम पसारी रहे। एमसीएक्स-आईपीएफ की टीम ने सभी विजेताओं को बधाई दी।
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