लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना जिस मुकाबले को भुला देना चाहेंगे, उस फाइनल में स्पेन ने हर विभाग में अपना दबदबा कायम रखा। मैच का एकमात्र गोल स्पेन के फ़ॉरवर्ड फेरान टोरेस ने किया।
संजय वि. शाह
रविवार को न्यू जर्सी के ईस्ट रदरफोर्ड स्थित मेटलाइफ़ स्टेडियम में खेले गए फीफा विश्व कप २०२६ के एकतरफा फाइनल में स्पेन ने गत चैंपियन अर्जेंटीना को १-० से पराजित कर दिया। इतिहास में जिस मुकाबले को सबसे एकतरफा विश्व कप फाइनलों में गिना जाएगा, उसमें स्पेन ने शुरू से अंत तक जादुई प्रदर्शन किया। उल्लेखनीय है कि इससे पहले वर्ष २०२३ में स्पेन की महिला टीम ने फीफा महिला विश्व कप जीता था। इसके साथ ही स्पेन फुटबॉल के महिला और पुरुष, दोनों विश्व कप जीतने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है।

रविवार को खेले गए फाइनल में अर्जेंटीना कभी भी मैच पर अपना नियंत्रण स्थापित नहीं कर सका। संन्यास के करीब पहुँच चुके अर्जेंटीनी सुपरस्टार लियोनेल मेसी के लिए यह बेहद निराशाजनक शाम रही। स्पेन ने पूरे मुकाबले में मेसी को पूरी तरह बाँधकर रखा। स्पेन के हर विभाग में शानदार प्रदर्शन के सामने अंततः मेसी और अर्जेंटीना को घुटने टेकने पड़े।
विश्व कप फाइनल जैसी बड़ी प्रतियोगिता में ऐसा एकतरफा मुकाबला शायद ही देखने को मिलता है। जहाँ अर्जेंटीना पूरे मैच में अवसरों के लिए तरसता रहा, वहीं स्पेन ने आक्रामक खेल की पराकाष्ठा प्रस्तुत की। स्पेन के लिए मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल १०६वें मिनट में २६ वर्षीय फ़ॉरवर्ड फेरान टोरेस ने किया।
मैच के पहले दो हाफ में कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। इसके बावजूद पहले और दूसरे, दोनों हाफ में स्पेन का दबदबा साफ दिखाई दिया। उसके खिलाड़ियों ने बार-बार गेंद को अर्जेंटीना के गोलपोस्ट तक पहुँचाया। अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो ‘डिबू’ मार्टिनेज के शानदार प्रदर्शन ने स्पेन के कई निश्चित गोलों को रोक दिया। अतिरिक्त समय में स्पेन के निको विलियम्स ने एक बार गेंद को जाल में भी पहुँचा दिया था, लेकिन माइकेल मेरिनो द्वारा निकोलस ओटामेंडी पर अनजाने में किए गए फाउल के कारण वीडियो रेफरी ने उस गोल को अमान्य घोषित कर दिया।
मैच की मुख्य झलकियाँ
- ४१वाँ मिनट – अर्जेंटीना के डिफेंडर लिसान्द्रो मार्टिनेज को उनकी हरकत के लिए येलो कार्ड दिखाया गया।
- ४५वाँ मिनट – पहले हाफ के अंत तक स्पेन के जबरदस्त दबदबे के बावजूद दोनों टीमें ०-० की बराबरी पर रहीं।
- ९०+३वाँ मिनट (इंजरी टाइम) – अर्जेंटीना के मिडफ़ील्डर एन्ज़ो फ़र्नान्डेज़ को दूसरा येलो कार्ड मिलने के बाद रेड कार्ड दिखाया गया। इसके साथ ही उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा और अर्जेंटीना को शेष मुकाबला १० खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा।
- ९५वाँ मिनट – अतिरिक्त समय के पाँचवें मिनट में स्पेन के निको विलियम्स ने गेंद को जाल में पहुँचा दिया। हालांकि, वीडियो असिस्टेंट रेफरी (वीएआर) ने गोल की समीक्षा के बाद उसे अमान्य घोषित कर दिया, क्योंकि गोल होने से ठीक पहले माइकेल मेरिनो ने अनजाने में अर्जेंटीना के एक डिफेंडर के पैर पर पैर रख दिया था। परिणाम स्वरूप स्कोर ०-० बना रहा।
- १०६वाँ मिनट – आखिरकार स्पेन को सफलता मिली। फेरान टोरेस ने शानदार और सटीक शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुँचा दिया और स्पेन ने १-० की बढ़त हासिल कर ली।
- १२०वाँ मिनट – अंतिम सीटी बजते ही मुकाबला समाप्त हुआ और स्पेन फीफा विश्व कप २०२६ का विश्व चैंपियन घोषित हुआ।
- स्पेन के १९ वर्षीय खिलाड़ी लामिन यामाल ने फुटबॉल इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। वह यूरो कप फाइनल और फीफा विश्व कप फाइनल, दोनों खेलने वाले दुनिया के पहले किशोर (टीनएजर) खिलाड़ी बन गए। हालांकि, फाइनल में वह गोल नहीं कर सके, लेकिन अर्जेंटीना की रक्षा पंक्ति को भेदने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही।
- टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी का पुरस्कार स्पेन के सेंटर-बैक पाउ कुबार्सी को मिला। १९ वर्षीय इस डिफेंडर ने पूरे टूर्नामेंट में विपक्षी टीमों को केवल एक ही गोल करने दिया।
- सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर का गोल्डन ग्लव्स पुरस्कार स्पेन के उनाई सिमोन को प्रदान किया गया। उन्होंने टूर्नामेंट की आठ में से सात मैचों में विपक्षी टीम को एक भी गोल नहीं करने दिया। इनमें फाइनल भी शामिल था।
- टूर्नामेंट में १० गोल करने वाले फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे को गोल्डन बूट, आठ गोल करने वाले लियोनेल मेसी को सिल्वर बूट और सात गोल करने वाले इंग्लैंड के जूड बेलिंगहैम को ब्रॉन्ज़ बूट पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
- टूर्नामेंट का गोल्डन बॉल पुरस्कार स्पेन के कप्तान और डिफेंसिव मिडफ़ील्डर रोड्रिगो हर्नान्देज़ कास्कान्ते, जिन्हें दुनिया रोद्री के नाम से जानती है, को दिया गया। सिल्वर बॉल पुरस्कार लियोनेल मेसी और ब्रॉन्ज़ बॉल पुरस्कार फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे को मिला।

