Author: Aazeem Hamida Khaan

Creative Writer, Journalist, Sub-Editor

So, have you watched the new season of Panchayat yet?The latest season of Panchayat has arrived, and this time, you will find Phulera steeped in an electoral atmosphere. It’s the kind of village election that city dwellers, often unaware of such events, might find enlightening. Watching Panchayat could ease their curiosity. These are the elections for the village head, and this electoral vibe takes you on a roller-coaster ride. Let’s talk about Season 3, where Brij Bhushan Dubey, aka Pradhan Ji, was shot. In this season, Pradhan Ji is recovering, and the search for the shooter is underway. Initially, Sachiv,…

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Let’s take a walk down The Grand Trunk Road: From Ancient Trade Superhighway to UNESCO Heritage. This 3,600-kilometre path from Bangladesh to Afghanistan has carried kings, traders, and dreamers for 2,500 years. Let’s take a walk down a road that’s seen it all… kings, traders, pilgrims, and truckers. The Grand Trunk Road, from ancient trade superhighway to modern lifeline, stretches over 3,600 kilometres from Bangladesh to Afghanistan. For 2,500 years, it’s been more than a path. It’s a living story of human grit, connection, and dreams. From dusty trails to a UNESCO heritage hopeful, this road has carried the heartbeat…

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जून 2025 में दो बड़ी वेब सीरीज रिलीज हुईं, पहली अमेज़न प्राइम की पंचायत, जिसका रिव्यू मैं पहले ही दे चुका हूँ। और दूसरी नेटफ्लिक्स की स्क्विड गेम सीज़न 3। सच कहूं तो स्क्विड गेम देखने के बाद, मैं काफी समय तक मैं सोच में पड़ा रहा। क्योंकि ये कोई ऐसा शो नहीं है जो आपको क्लाइमेक्स पर ताली बजाने का मौका देगा, या जिसे देख के आप सीटियाँ बजाएंगे। ये धीरे-धीरे आपको अंदर से सोचने पे मजबूर कर देता है। यह सीरीज खत्म होने के बाद भी खत्म नहीं हुई। सीजन 1 के एक्साइटमेंट से शुरू होकर सीजन 3…

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अगर मैं कहूँ की हम अपनी आस्था मंदिर-मस्जिद में ढूँढने या निभाने की जगह यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेस्बुक पर निभा रहे हैं, तो शायद ऐसा कहना गलत न हो। जरा एक बार अपनी आंखे बंद करिए और इंस्टाग्राम या फेस्बुक की उस पोस्ट को याद कीजिए जिसमें लिखा था… ‘हनुमान जी के इस फोटो को इग्नोर मत करना, 24 घंटे में अच्छी खबर मिलेगी।’ या फिर ‘जो अल्लाह के नाम से प्यार करता है वो लाइक करो, एक अच्छी खबर मिलेगी।’ देखा है न? हाँ तो बस मेरा सवाल उन्ही लोगों से है जो आज के सोशल मीडिया में इतना…

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Take a quick scroll through your phone and ask yourself one thing… who do you really follow? A film star? A spiritual guru? Maybe a creator who promises divine blessings if you like their video? In India today, what we choose to worship is no longer just about lighting a lamp in front of a deity. It’s also about double-tapping a reel of Krishna on Instagram or sharing a video that says, “Like this for khushkhabri.” Gods, celebrities, and influencers now sit side by side on our screens. The platforms may have changed, but the longing behind worship—the need for…

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कुछ विषय, मुद्दे, ऐसे होते हैं जिनपर चर्चा होती तो है, लेकिन बेहद ही काम… जैसे की ग्रैंड ट्रंक रोड, जिसे आप जी. टी. रोड के नाम से ज़्यादा जानते हो। हम सबने जी. टी. रोड देखा है, उसपर कितनी बार अपनी गाड़ियां लेकर गुजरे भी हैं, लेकिन शायद हम इसके इतिहास और इसकी धरोहर के बारे में नहीं जानते, या फिर काम जानते हैं। तो चलिए एक ऐसी रोड की सैर करें जिसने 2500 सालों तक इतिहास को अपने आगोश में समेटा है… ग्रैंड ट्रंक रोड। यह सिर्फ़ रास्ता नहीं, इतिहास की वो कहानी है जिसके बारे में जानना…

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तो भाई पंचायत का नया सीज़न देखा कि नहीं देखा? पंचायत का नया सीज़न आ चुका है, और इस बार आपको फुलेरा में चुनावी माहौल देखने को मिलेगा। ये वही चुनाव है, जिससे शहर के लोग हमेशा वंचित रहे हैं, जिन्हे शायद इतनी जानकारी न हो। लेकिन पंचायत देखने के बाद उनकी आशंका थोड़ी काम हो जाएगी। ये चुनाव हैं गांव के प्रधानी के चुनाव। पंचायत का ये चुनावी माहौल आपको ले जाने वाला है एक रोलर-कोस्टर राइड पर। बात करते हैं सीज़न 3 से, जहां बृजभूषण दुबे, यानी प्रधान जी को गोली लगी थी। इस सीजन में प्रधान जी…

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एक बार सिर्फ कल्पना करके देखिए, कोलकाता की चिलचिलाती धूप में एक व्यक्ति रिक्शा खींच रहा है। जिसका नाम मनोज है। वह उन हजारों लोगों में से एक है जो आधुनिकीकरण की मानवीय कीमत चुका रहा है। कोलकाता में हाथ-रिक्शा, जो भारत की आजादी से पहले से शहर की पहचान हैं, अब गायब हो रहे हैं। ऑटो-रिक्शा, बस और ऐप-आधारित टैक्सी ने उनकी जगह ले ली है। लेकिन यह कहानी सिर्फ पुरानी परंपरा की नहीं है। यह मनोज जैसे लोगों की कहानी है… जो अपनी आजीविका, स्वास्थ्य और उम्मीद खो रहे हैं। यह कहानी बताती है कि जब तरक्की होती…

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धरती का अनोखा नाच कल्पना करो, धरती एक बेचैन राक्षस है, जिसकी सतह हमेशा हिलती-डुलती रहती है। यह कहानी है कि कैसे महाद्वीपों में होने वाले बदलावों ने जीवन को आकार दिया। यह उन विशाल भूखंडों की कहानी है, जिन्होंने आज हमारी दुनिया को बनाया। लाखों साल पहले, जब इंसान नहीं थे, धरती की सतह टूट रही थी, खिसक रही थी, और टकरा रही थी। इन हलचलों ने न सिर्फ धरती का नक्शा बदला, बल्कि जीवन के नियम भी नए लिखे। डायनासोर से लेकर आज के जानवरों तक, महाद्वीपों का यह बदलाव हर जंगल, समुद्र और रेगिस्तान में गूंजता है।…

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सोचिए, रेगिस्तान की सुनहरी रेत और ऊँचे पिरामिडों की धरती… मैं बात कर रहा हूँ प्राचीन मिस्र की। यहाँ संरक्षण का विज्ञान जन्मा, न कि किसी प्रयोगशाला में, बल्कि पवित्र रीति-रिवाजों में। मिस्र के लोग मृतकों को बस कपड़े में लपेटकर नहीं छोड़ते थे। उन्होंने सड़न रोकने की ऐसी तरकीब निकाली, जो आज भी वैज्ञानिकों को हैरान करती है। यह जादू नहीं था… यह था शुरुआती रसायन और जीव विज्ञान का कमाल। आइए, मैं आपको बताता हूँ कि कैसे इन प्राचीन बुद्धिमानों ने मृत्यु को विज्ञान में बदला, बिना किसी आधुनिक उपकरण के। शरीर को अमर बनाने की कला ममी…

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