मनोहर लाल ने रखीं भारत की स्वच्छ ऊर्जा उपलब्धियां; BRICS देशों को 2026 सम्मेलन के लिए भारत आमंत्रित
ब्राज़ील की अध्यक्षता में ब्रासीलिया में आयोजित BRICS ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में भारत के विद्युत और आवासन मंत्री श्री मनोहर लाल ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा, समान ऊर्जा पहुंच और वैश्विक सहयोग को लेकर भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
मंत्री ने भारत की स्वच्छ ऊर्जा में प्रगति को रेखांकित करते हुए बताया कि:
- भारत की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 475 गीगावाट तक पहुंच गई है, जिसे 2032 तक 900 GW तक ले जाने का लक्ष्य है।
- भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा सौर और पवन ऊर्जा उत्पादक बन गया है।
- 20% इथेनॉल मिश्रण लक्ष्य पूरा हुआ है, जिससे जैव ईंधन क्षेत्र में प्रगति हो रही है।
- स्मार्ट ग्रिड, ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर, रूफटॉप सोलर और न्यूक्लियर एनर्जी में व्यापक निवेश हो रहा है।
- भारत 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता तक पहुंचने का लक्ष्य लेकर चल रहा है (2047 तक)।
श्री मनोहर लाल ने ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस में सहयोग बढ़ाने और भारत द्वारा शुरू किए गए कार्बन क्रेडिट बाजार की ओर वैश्विक ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों के लिए जीवाश्म ईंधन की अब भी आवश्यकता है, लेकिन इनके क्लीनर उपयोग हेतु अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है।
2026 में भारत में अगली BRICS ऊर्जा बैठक
भारत ने BRICS देशों को 2026 में भारत में आयोजित होने वाली ऊर्जा बैठक के लिए आमंत्रित किया और BRICS के जरिए ग्लोबल साउथ की ऊर्जा जरूरतों को प्राथमिकता देने की बात कही।
BRICS ऊर्जा मंत्रियों की साझा घोषणाएं:
- सभी देशों ने ऊर्जा सुरक्षा, SDG-7, और ऊर्जा गरीबी हटाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
- स्थानीय मुद्राओं में ऊर्जा व्यापार को प्रोत्साहित किया जाएगा।
- जीवाश्म ईंधन की भूमिका को स्वीकार करते हुए इसके कम उत्सर्जन वाले उपयोग को तकनीकी दृष्टिकोण से बढ़ावा देने की बात कही गई।
- कार्बन तीव्रता और ऊर्जा टैक्सोनॉमी को लेकर पारदर्शी दिशानिर्देश लाने की वकालत की गई।
- ऊर्जा दक्षता को 2030 तक दोगुना करने का संकल्प दोहराया गया।
भारत की अध्यक्षता में 2026 में BRICS ऊर्जा सहयोग को नई दिशा देने की सहमति बनी।


