मुंबई में आयोजित विद्या टेक फेस्ट 2026 में छात्रों ने तकनीक, रचनात्मकता और नवाचार का शानदार प्रदर्शन किया। आयोजन में विद्यार्थियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स, कोडिंग, अरडुइनो, एसटीईएम और डिजिटल नवाचार पर आधारित अपने प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए। यह आयोजन एसुस इंडिया और विद्या फाउंडेशन की साझेदारी में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य छात्रों को तकनीक सीखने के साथ-साथ उसे व्यावहारिक रूप से इस्तेमाल करने का अवसर देना था।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण विद्या के पवई केंद्र में नई टिंकरिंग लैब का उद्घाटन रहा। एसुस इंडिया के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय निदेशक एरिक ओउ ने इस लैब का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए केवल अवधारणाओं को समझना पर्याप्त नहीं है। उन्हें अपने विचारों को वास्तविक जीवन से जुड़े प्रोजेक्ट्स में बदलने और प्रयोग करने का अवसर भी मिलना चाहिए।
नई टिंकरिंग लैब छात्रों को तकनीक के साथ प्रयोग करने के लिए एक ऐसा मंच उपलब्ध कराएगी, जहां वे इलेक्ट्रॉनिक्स, कोडिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों को व्यावहारिक गतिविधियों के जरिए समझ सकेंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में तकनीकी समझ के साथ समस्या को पहचानने, उसका समाधान खोजने और नए विचारों को विकसित करने की क्षमता को बढ़ावा देना है।
विद्या टेक फेस्ट में छात्रों ने अपने प्रोजेक्ट्स के जरिए यह दिखाया कि कक्षा में सीखी गई तकनीकी जानकारी को वास्तविक समस्याओं के समाधान में किस तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। विद्यार्थियों ने कक्षा आधारित सीखने, प्रशिक्षण शिविरों और व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्रों के दौरान तैयार किए गए विभिन्न प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए। एआई और रोबोटिक्स से लेकर कोडिंग और एसटीईएम आधारित प्रयोगों तक, छात्रों की परियोजनाओं में उनकी जिज्ञासा और रचनात्मक सोच दिखाई दी।
एसुस इंडिया और विद्या फाउंडेशन की डिजिटल साक्षरता पहल भी इस आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। पिछले एक वर्ष में इस पहल के जरिए महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा में 12,000 से अधिक बच्चों और 650 युवाओं तक पहुंच बनाई गई है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को डिजिटल तकनीक की बुनियादी समझ देने के साथ उन्हें बदलती तकनीकी दुनिया के लिए तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।
अब टिंकरिंग लैब की शुरुआत के साथ इस पहल को डिजिटल शिक्षा से आगे बढ़ाकर व्यावहारिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ा जा रहा है। इससे छात्रों को केवल तकनीक के बारे में पढ़ने के बजाय उसे खुद इस्तेमाल करने, प्रयोग करने और उससे जुड़े नए समाधान विकसित करने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम के अंत में छात्रों की मेहनत और रचनात्मकता को पुरस्कार समारोह के जरिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान विद्यार्थियों के लिए प्रोत्साहन के साथ-साथ उन्हें भविष्य में तकनीकी क्षेत्रों में नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित करने वाला कदम रहा।
विद्या टेक फेस्ट 2026 ने यह दिखाया कि जब छात्रों को सही संसाधन, मार्गदर्शन और प्रयोग करने की स्वतंत्रता मिलती है, तो वे तकनीक को केवल सीखते नहीं, बल्कि उसके जरिए नए विचारों को आकार भी दे सकते हैं। टिंकरिंग लैब जैसी पहल आने वाले समय में विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और डिजिटल नवाचार जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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