अमित शाह की बड़ी बैठक में यमुना नदी की सफाई, दिल्ली की जल आपूर्ति और सीवेज व्यवस्था पर दीर्घकालिक रणनीति तय
दिल्ली में जल संकट और यमुना नदी की सफाई को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में यमुना की सफाई, पीने के पानी और सीवेज व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की। इसमें सभी संबंधित मंत्रालयों, दिल्ली सरकार और जल बोर्ड के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।
यमुना सिर्फ नदी नहीं, आस्था का प्रतीक
बैठक के दौरान अमित शाह ने स्पष्ट कहा कि यमुना सिर्फ एक नदी नहीं, बल्कि देश की आस्था का प्रतीक है। इसलिए इसकी सफाई केंद्र सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने जल शक्ति मंत्रालय को निर्देश दिया कि सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STPs) के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाए। यह SOP उनकी गुणवत्ता, रखरखाव और डिस्चार्ज मानदंड तय करेगा। यह दिशानिर्देश सभी राज्यों के साथ भी साझा किए जाएंगे।
20 साल की विजन योजना पर जोर
शाह ने जोर दिया कि दिल्ली में यमुना, पीने के पानी और ड्रेनेज से जुड़ी योजनाएं भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर योजना अगले 20 वर्षों की आवश्यकताओं को देखते हुए बनाई जानी चाहिए।
दिल्ली जल बोर्ड की भूमिका अहम
बैठक में दिल्ली जल बोर्ड को सशक्त बनाने पर भी चर्चा हुई। शाह ने कहा कि यमुना की सफाई में जल बोर्ड की भूमिका निर्णायक है। इसलिए जल बोर्ड में खाली पदों को तत्काल भरा जाना चाहिए। साथ ही, जल आपूर्ति व्यवस्था में लीकेज रोकने और वितरण संरचना को मज़बूत बनाने के निर्देश भी दिए।
वर्ल्ड क्लास तकनीक से होगा नालों का सफाया
गृह मंत्री ने कहा कि नालों से गाद हटाने के लिए विश्व स्तरीय तकनीक का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इससे पानी की गुणवत्ता सुधरेगी और प्रदूषण नियंत्रित किया जा सकेगा।

