अगर आप भी स्काइप का इस्तेमाल करते हैं, तो अब वक्त है बदलाव का। माइक्रोसॉफ्ट ने साफ कर दिया है कि 5 मई 2025 से स्काइप पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। कंपनी अब अपने नए कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म, माइक्रोसॉफ्ट टीम्स पर पूरी तरह शिफ्ट हो रही है।
स्काइप क्यों हो रहा है बंद?
यह फैसला अचानक नहीं आया। माइक्रोसॉफ्ट ने इसकी जानकारी साल की शुरुआत में ही दे दी थी, ताकि लोगों को टीम्स पर शिफ्ट करने का समय मिल सके। अब क्योंकि स्काइप और टीम्स, दोनों में एक जैसी सुविधाएं हैं, तो माइक्रोसॉफ्ट को दोनों को एक साथ चलाने की ज़रूरत नहीं दिखती।
आपको याद हो तो स्काइप की शुरुआत 2003 में हुई थी, जब डेनमार्क के Janus Friis और स्वीडन के Niklas Zennström ने इसे डेवलप किया था। एक समय था जब वीडियो कॉलिंग के लिए स्काइप सबसे बड़ा नाम था, लेकिन अब दौर बदल चुका है।
जो लोग अभी भी स्काइप यूज़ कर रहे हैं, उनके लिए क्या बदलेगा?
- स्काइप के फ्री और पेड वर्जन अब नए यूज़र्स के लिए उपलब्ध नहीं होंगे।
- जिन लोगों के पास अभी एक्टिव स्काइप क्रेडिट या सब्सक्रिप्शन है, वो अपना चालू प्लान उसके रिन्यूअल सायकल तक इस्तेमाल कर सकते हैं। उसके बाद वो भी बंद हो जाएगा।
- ध्यान रखें, स्काइप for Business पहले ही अलग योजनाओं के तहत खत्म किया जा रहा था, तो ये घोषणा उसपर असर नहीं डालेगी।
स्काइप से टीम्स पर शिफ्ट कैसे करें?
माइक्रोसॉफ्ट ने ये बदलाव आसान बना दिया है। आपका पुराना स्काइप आईडी, माइक्रोसॉफ्ट टीम्स पर भी काम करेगा। आप अपने पुराने चैट्स और कॉन्टैक्ट्स को भी वहां ट्रांसफर कर सकते हैं।
टीम्स में वही सुविधाएं हैं, चाहे वो वन-ऑन-वन कॉल हो, ग्रुप चैटिंग या फाइल शेयरिंग। यानी अगर आप स्काइप के आदि हैं, तो टीम्स अपनाने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।


