एक युगपुरुष पिछले हजारों सालों से दुनिया के भले के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने जो योग दिया, वह मनुष्य के लिए एक खास तोहफा है। यह योग है क्रियायोग… इस योग को अपनाकर इंसान थोडे़ ही समय में बेहतर बन सकता है, आध्यात्मिक रास्ते पर चल सकता है और अपना जीवन सुखी कर सकता है। इस योग को शुरू करने वाले श्री महावतार बाबाजी हिमालय की पवित्र जगह पर हजारों साल से रहते हैं। उनकी रहस्यमयी कहानी हमें ‘फक़ीरियत’ नाम की नई हिंदी फिल्म में देखने मिलेगी। यह फिल्म 19 सितंबर को रिलीज होगी।
संतोष मांजरेकर द्वारा निर्देशित ‘फक़ीरियत’ फिल्म भद्रबाहू डिवाइन क्रिएशन्स एलएलपी के बैनर तले बनी है। मांजरेकर ने पहले कई मराठी फिल्में बनाई हैं, और यह उनकी पहली हिंदी फिल्म है। गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर फिल्म का पोस्टर लॉन्च किया गया है। यह पोस्टर अपने आप में एक आध्यात्मिक चित्रकला जैसा है। श्री महावतार बाबाजी के साथ स्वामी समर्थ, शंकर महाराज, रामकृष्ण परमहंस और लहिरी महाशय जैसे महान संतों की छवियां पोस्टर को विशेष बनाती हैं।
अभिनेत्री दीपा परब, जो फिल्म में बाबाजी की शिष्या की भूमिका निभा रही हैं, हाथ जोड़कर बेहद श्रद्धापूर्वक खड़ी नजर आती हैं। दीपा इस फिल्म के जरिए लंबे समय बाद हिंदी सिनेमा में वापसी कर रही हैं। पोस्टर के दूसरे भाग में उदय टिकेकर, संदेश जाधव और विनीत शर्मा जैसे अनुभवी कलाकार नजर आते हैं।
फक़ीरियत’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा को फिर से जीवंत करने वाला प्रयास है। इसकी टैगलाइन ‘गुरु और शिष्य की कहानी’ बताती है कि इसका केंद्रबिंदु आध्यात्मिक जुड़ाव और मार्गदर्शन है।
यह फिल्म बाबाजी और उनके योग की सच्ची पहचान बताएगी। दीपा ने बाबाजी की शिष्या का किरदार निभाया है, जिसके जरिए कहानी आगे बढ़ेगी। फक़ीरियत’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा को फिर से जीवंत करने वाला प्रयास है। इसकी टैगलाइन ‘गुरु और शिष्य की कहानी’ बताती है कि इसका केंद्रबिंदु आध्यात्मिक जुड़ाव और मार्गदर्शन है।
फिल्म की कहानी अनुजा जानवलेकर की किताबों ‘चिराग़ जलती है’ और ‘आध्यात्म एक विद्रोह, एक क्रांति’ पर आधारित है। पटकथा अनिल पवार ने लिखी है और उन्होंने अनुजा जानवलेकर के साथ संवाद भी तैयार किए हैं।
फिल्म में दीपा परब के साथ विनीत शर्मा, उदय टिकेकर, अक्षय वर्तक, नयन जाधव, संदेश जाधव और अनुषा सबनीस जैसे कलाकार नजर आएंगे। संतोष जुवेकर इसमें एक गेस्ट भूमिका में दिखाई देंगे।
संगीत भी फिल्म की आत्मा जैसा है। समृद्धि पवार के लिखे गीतों को प्रवीण कुंवर ने संगीतबद्ध किया है, जिन्हें मनीष राजगिरे, मनोज मिश्रा, जसराज जोशी और नेहा राजपाल ने अपनी आवाज़ दी है। कैमरे की कमान संभाली है अजित रेड्डी ने और संपादन किया है निलेश गावंड ने।


