
भारतीय फिल्म उद्योग के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित प्रोडक्शन हाउसों में से एक, नाडियाडवाला ग्रैंडसन एंटरटेनमेंट (NGE) ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। कंपनी ने दावा किया है कि हाल ही में कुछ व्यक्तियों द्वारा उनकी फिल्मों, निर्देशकों और प्रमुख कलाकारों की छवि खराब करने की धमकी देकर उनसे धन की मांग की गई।
NGE, जो पिछले 75 वर्षों से भारतीय सिनेमा का हिस्सा रहा है और जिसने कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं, ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए संबंधित जांच एजेंसियों को सौंप दिया है। कंपनी के कानूनी सलाहकारों का कहना है कि उनके पास कॉल रिकॉर्डिंग सहित ऐसे प्रमाण मौजूद हैं, जो इस कथित ब्लैकमेलिंग की पुष्टि करते हैं।
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समर्थन
NGE ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि वह भारत के संविधान में निहित भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का पूरा समर्थन करता है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी अपनी फिल्मों की उचित आलोचना या निष्पक्ष समीक्षा पर आपत्ति नहीं जताई है और आगे भी नहीं जताएंगे। कंपनी का मानना है कि रचनात्मक आलोचना फिल्म निर्माताओं को बेहतर बनाने में मदद करती है और उद्योग के स्वस्थ विकास के लिए आवश्यक है।
कार्रवाई केवल दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों के खिलाफ
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी कार्रवाई केवल उन व्यक्तियों के खिलाफ है जो दुर्भावनापूर्ण और अवैध गतिविधियों में शामिल हैं। NGE ने कहा, “हम किसी भी सच्चे, स्वतंत्र समीक्षक या यूट्यूबर के खिलाफ नहीं हैं। हम उनके ईमानदार काम को महत्व देते हैं और फिल्म उद्योग की प्रगति में उनके योगदान का स्वागत करते हैं।”
कानूनी टीम की ओर से बयान
इस मामले को लेकर अधिवक्ता रवि सूर्यवंशी, मैनेजिंग पार्टनर, बार एंड ब्रीफ़ अटॉर्नीज ने आधिकारिक रूप से बयान जारी किया। उन्होंने पुष्टि की कि यह मामला अब जांच एजेंसियों के पास है और विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
https://www.instagram.com/p/DOnvoJZkiJV/?utm_source=ig_web_copy_link


