दक्षिण एशिया की अग्रणी एक्सप्रेस एयर और एकीकृत लॉजिस्टिक्स कंपनी ब्लू डार्ट ने समावेशी कार्यसंस्कृति को मजबूत करते हुए अपने मुख्य संचालन और सहयोगी विभागों में 200 से अधिक दिव्यांग कर्मचारियों की नियुक्ति की है। ये कर्मचारी अब सॉर्टिंग सेंटर, ग्राहक अनुभव, वेयरहाउसिंग और लास्ट-माइल सपोर्ट जैसी अहम भूमिकाओं में पूरी तरह से योगदान दे रहे हैं।
ब्लू डार्ट के प्रबंध निदेशक बाल्फोर मैनुअल ने कहा, “हमारे लिए समावेशिता कोई अलग पहल नहीं है, बल्कि हमारी कार्यसंस्कृति का मूल सिद्धांत है। जब दिव्यांग प्रतिभाएं मुख्य भूमिकाओं में हमारे साथ जुड़ती हैं, तो वे हमारे व्यवसाय की दिशा और प्रभाव को मजबूत बनाती हैं।”
यह पहल सार्थक एजुकेशनल ट्रस्ट जैसे सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर लागू की गई है। इसके तहत कौशल विकास, कार्यस्थल अनुकूलन और निरंतर सहयोग पर जोर दिया गया है। साथ ही, संवेदीकरण कार्यशालाएं, सांकेतिक भाषा प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचे में सुधार भी किए गए हैं, ताकि एक पूर्ण रूप से समर्थ वातावरण तैयार हो सके।
ब्लू डार्ट की सीएचआरओ बीना जैकब ने कहा, “हर भर्ती हमारे लिए प्रगति का प्रतीक है। हम केवल सहानुभूति से आगे बढ़कर योग्यता, सशक्तिकरण और प्रत्येक कर्मचारी की क्षमता पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।”
सार्थक एजुकेशनल ट्रस्ट के संस्थापक डॉ. जितेंद्र अग्रवाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “ब्लू डार्ट यह दिखाता है कि सच्ची समावेशिता समान अवसर, समान सम्मान और समान अपेक्षाओं पर आधारित होती है।”
कंपनी आने वाले समय में अपने समावेशी कार्यबल का विस्तार करने की योजना बना रही है, ताकि दिव्यांग व्यक्तियों के लिए दीर्घकालिक अवसर सृजित किए जा सकें। यह पहल ब्लू डार्ट की सामाजिक जिम्मेदारी, कार्यस्थल विविधता और सतत प्रतिभा विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस कदम से ब्लू डार्ट न केवल रोजगार समानता को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि यह भी साबित कर रहा है कि योग्यता, सशक्तिकरण और सार्थक योगदान हर कर्मचारी के लिए संभव है, चाहे उसकी क्षमता कोई भी हो।
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