डिजिटल दुनिया में जहां हर तरफ विज्ञापनों की भरमार है, वहीं युवा दर्शक खासकर Gen Z अब पारंपरिक विज्ञापनों से जल्दी ऊबने लगे हैं। इसी चुनौती को समझते हुए Snap Inc. और Kantar के एक नए अध्ययन ने यह दिखाया है कि ऑगमेंटेड रियलिटी यानी AR कैसे इस ‘ऐड फटीग’ से निपटने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।

‘स्टेट ऑफ AR इन इंडिया’ नामक इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 92 प्रतिशत उपभोक्ताओं का मानना है कि AR उनके ऑनलाइन शॉपिंग, सीखने और ब्रांड्स से जुड़ने के तरीके को बदल देगा। खास बात यह है कि Gen Z के 2 में से 3 यूजर्स का कहना है कि AR उनके खरीदारी के फैसलों को प्रभावित करता है।

AR की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह यूजर्स को सिर्फ विज्ञापन दिखाता नहीं, बल्कि उन्हें उसमें शामिल करता है। जहां पारंपरिक विज्ञापन अक्सर स्किप कर दिए जाते हैं, वहीं AR अनुभव यूजर्स का ध्यान लंबे समय तक बनाए रखते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, AR लेंस अन्य फॉर्मेट्स की तुलना में दोगुना अधिक प्रभावी और तीन गुना अधिक दक्षता के साथ सक्रिय ध्यान आकर्षित करते हैं।

Gen Z के 5 में से 3 यूजर्स का कहना है कि AR सामान्य पोस्ट की तुलना में उनका ध्यान ज्यादा देर तक बनाए रखता है। यही कारण है कि वे ब्रांडेड AR अनुभवों को शेयर करने के लिए भी अधिक उत्सुक रहते हैं। यह ब्रांड्स के लिए एक बड़ा अवसर बनकर उभरा है, जहां वे सिर्फ दिखने के बजाय याद भी रह सकते हैं।

ब्रांड्स के लिए AR केवल एंगेजमेंट का टूल नहीं रह गया है, बल्कि यह खरीदारी की पूरी प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला माध्यम बन चुका है। 2 में से 3 Gen Z यूजर्स का कहना है कि AR उन्हें किसी उत्पाद को बेहतर समझने में मदद करता है और यह तय करने में सहायक होता है कि उसे खरीदना है या नहीं।

भारत में AR का उपयोग केवल तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक अवसरों जैसे त्योहारों और स्थानीय कार्यक्रमों से भी गहराई से जुड़ रहा है। इससे ब्रांड्स को अपने दर्शकों के साथ अधिक व्यक्तिगत और प्रासंगिक तरीके से जुड़ने का मौका मिलता है।

कांतर की सौम्या मोहंती के अनुसार, AR उपभोक्ता के निर्णय लेने की प्रक्रिया को नए सिरे से आकार दे रहा है। यह उत्पाद की समझ को बढ़ाता है, भरोसा पैदा करता है और खरीदारी की इच्छा को मजबूत करता है। वहीं Snap Inc. की नेहा जॉली साहनी का कहना है कि भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते AR बाजारों में से एक है और अब यह केवल प्रयोग का माध्यम नहीं, बल्कि वास्तविक व्यावसायिक परिणाम देने वाला प्लेटफॉर्म बन चुका है।

कुल मिलाकर, AR आज के डिजिटल विज्ञापन इकोसिस्टम में एक गेम-चेंजर बनकर उभर रहा है, जो ब्रांड्स को शोर के बीच अपनी अलग पहचान बनाने में मदद कर रहा है।

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