मुंबई में 26/11 के आतंकी हमलों के आरोपी तहव्वुर राणा को दोषी ठहराने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। एजेंसी ऐसे रहस्यमय गवाहों को पेश करने की तैयारी कर रही है, जिनके बयान इस मामले में निर्णायक साबित हो सकते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, NIA ने इन गवाहों की पहचान और अन्य विवरणों को गुप्त रखा है। माना जा रहा है कि ये गवाह हमलों की साजिश और राणा की भूमिका से जुड़े अहम खुलासे कर सकते हैं। राणा, जो एक पाकिस्तानी मूल का कनाडाई व्यवसायी है, पर लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों को हमले की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में मदद करने का आरोप है।
गौरतलब है कि राणा को पहले शिकागो की एक अदालत ने 2011 में लश्कर-ए-तैयबा और डेनिश समाचार पत्र पर हमले की साजिश रचने के आरोपों में दोषी ठहराया था। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से उसे 26/11 के मुंबई हमलों में शामिल होने के आरोप से बरी कर दिया गया था। हालांकि, भारत लगातार उसकी प्रत्यर्पण की कोशिश कर रहा ताकि उसे मुंबई हमलों के लिए न्याय के कटघरे में खड़ा किया जा सके।
NIA द्वारा रहस्यमय गवाह को पेश करने की तैयारी भारत की आतंकवाद विरोधी रणनीति के महत्त्वपूर्ण पहलू हैं। सो अब यह देखना दिलचस्प होगा कि रहस्यमय गवाहों का बयान राणा के मामले को किस दिशा में ले जाते हैं और क्या भारत उसे इंसाफ के दायरे में लाने में सफल होता है?


