पोप फ्रांसिस को अंतिम विदाई देने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। उनका अंतिम संस्कार शनिवार, 26 अप्रैल 2025 को वेटिकन सिटी के सेंट पीटर्स स्क्वायर में सुबह 10 बजे (स्थानीय समयानुसार) संपन्न होगा।
21 अप्रैल 2025 को 88 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया था। कैथोलिक चर्च के आध्यात्मिक प्रमुख रहे पोप फ्रांसिस ने अपने जीवन में सादगी, करुणा और शांति का संदेश दिया। उनकी यही सोच उनकी अंतिम इच्छा में भी नजर आती है।
क्या है खास इस अंतिम संस्कार में?
- पोप फ्रांसिस ने पारंपरिक तीन ताबूतों की जगह एक साधारण लकड़ी का ताबूत चुना है।
- उनका शरीर सार्वजनिक दर्शन के लिए खुले ताबूत में नहीं रखा जाएगा।
- वे 1903 के बाद पहले ऐसे पोप होंगे जिन्हें वेटिकन के बाहर दफनाया जाएगा।
- उन्हें रोम की सांता मारिया मैजोर बेसिलिका में दफनाया जाएगा।
दुनिया भर से आएंगे नेता
इस ऐतिहासिक विदाई में कई वैश्विक नेता शामिल होंगे। इनमें अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की, ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा, इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मटेरेला और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
पोप की अंतिम इच्छा: सादगी में गरिमा
पोप फ्रांसिस चाहते थे कि उनकी विदाई भी उतनी ही सादगीपूर्ण हो जितना उनका जीवन था। उनका अंतिम संस्कार इस भावना को पूरी तरह दर्शाता है। चर्च और लाखों श्रद्धालु उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि देंगे।


