आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम स्थित सिम्हाचलम मंदिर में बुधवार तड़के बड़ा हादसा हो गया। चंदनोत्सव के दौरान मंदिर के पास एक दीवार गिर गई, जिसमें कम से कम 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई घायल हो गए हैं।
यह हादसा तब हुआ जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए कतार में खड़े थे। मंदिर प्रशासन ने ₹300 के स्पेशल दर्शन टिकट के लिए अलग से लाइन लगाई थी, जो सिंहगिरी बस स्टैंड से घाट रोड के पास लगाई गई थी। उसी दौरान एक सीमेंट की दीवार अचानक गिर पड़ी।
बताया जा रहा है कि यह दीवार हाल ही में बन रहे एक निर्माण स्थल की थी, जो अस्थायी टेंट्स के बगल में बनाई गई थी। चूंकि सिम्हाचलम पहाड़ी इलाका है, वहां रात में भारी बारिश हुई, जिससे मिट्टी खिसकने लगी। इसी दौरान टेंट और अस्थायी ढांचे दीवार पर गिर पड़े और हादसा हो गया।
हादसे के तुरंत बाद NDRF, SDRF, पुलिस और फायर डिपार्टमेंट की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
गृह मंत्री वी. अनीता, जिलाधिकारी, और पुलिस आयुक्त मौके पर पहुंच गए हैं और हालात पर नज़र बनाए हुए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर दुख जताया। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “विशाखापट्टनम में दीवार गिरने की घटना से गहरा दुख हुआ। जिन परिवारों ने अपने प्रियजन खोए हैं, उनके प्रति संवेदनाएं। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।” पीएमओ की ओर से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भी दुख जताते हुए कहा कि वह खुद ज़िला प्रशासन से संपर्क में हैं और हालात पर निगरानी रखे हुए हैं।
एंडॉवमेंट्स मंत्री अनम रामानारायण रेड्डी ने इस हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज दिया जा रहा है। उन्होंने जांच के आदेश भी दे दिए हैं और आश्वासन दिया है कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।
चंदनोत्सव की सुबह के कुछ दृश्य सामने आए हैं, जिसमें टीटीडी चेयरमैन बीआर नायडू भी मंदिर में रेशमी वस्त्र अर्पित करते दिखे।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा इंतज़ामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


