गोवा के मशहूर लैराई देवी मंदिर में हर साल लगने वाली यात्रा इस बार दुखद हादसे में बदल गई। शनिवार तड़के करीब 3 बजे भगदड़ मच गई, जिसमें 6 लोगों की जान चली गई, जबकि 30 से ज़्यादा श्रद्धालु घायल हो गए।
हज़ारों की संख्या में लोग शुक्रवार रात से ही मंदिर परिसर में जुटे थे। लेकिन भीड़ के बीच एक श्रद्धालु का फिसलकर गिर जाना भगदड़ की वजह बन गया। ये घटना मंदिर के पास की एक ढलान वाली सड़क पर हुई, जहां रास्ता संकरा था और भीड़ बहुत ज़्यादा। जैसे ही एक व्यक्ति गिरा, अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर भागने लगे।
घायलों को गोवा मेडिकल कॉलेज, नॉर्थ गोवा डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल (मापुसा) और बिचोलिम के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। कम से कम 10 लोगों की हालत गंभीर है और उन्हें ICU में रखा गया है।
मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री ने जताया दुख
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की और मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि वे खुद स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी X पर संवेदना जताते हुए कहा, “शिरगांव में भगदड़ की घटना दुखद है। जिन लोगों ने अपनों को खोया, उनके प्रति संवेदना। घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करता हूं। प्रशासन पूरी तरह से सहायता कर रहा है।”
भारी सुरक्षा के बावजूद हादसा
त्योहार को देखते हुए 1000 से ज़्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, जिनमें इंडिया रिज़र्व बटालियन, गोवा रिज़र्व फोर्स, और नॉर्थ गोवा पुलिस के जवान शामिल थे। लेकिन फिर भी, भीड़ का दबाव इतना ज़्यादा था कि हालात संभाले नहीं जा सके।
स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने बताया कि अस्पतालों में अतिरिक्त डॉक्टरों और ICU की व्यवस्था की गई है ताकि गंभीर मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके।
राहुल गांधी ने भी इस हादसे पर दुख जताया। उन्होंने लिखा, “लैराई देवी यात्रा के दौरान भगदड़ में कई श्रद्धालुओं की मौत और दर्जनों के घायल होने की खबर बेहद दुखद है। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”
सरकार ने हादसे की जांच का आदेश दे दिया है। स्थानीय लोग और श्रद्धालु मांग कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसी यात्राओं के दौरान भीड़ प्रबंधन को और बेहतर बनाया जाए। यह हादसा याद दिलाता है कि धार्मिक आयोजनों में भी सुरक्षा सबसे अहम होती है।


