लॉकहीड मार्टिन एफ-35 लाइटनिंग II एक एकल-सीट, एकल-इंजन, ऑल-वेदर स्टील्थ मल्टीरोल लड़ाकू विमान है, जिसे संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा विकसित किया गया है। यह विमान हवाई श्रेष्ठता, स्ट्राइक मिशन, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, और खुफिया, निगरानी, और टोही (ISR) क्षमताओं को प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह जॉइंट स्ट्राइक फाइटर (JSF) कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पुराने लड़ाकू विमानों जैसे F-16 फाइटिंग फाल्कन, F/A-18 हॉर्नेट, और AV-8B हैरियर II को प्रतिस्थापित करना है।
प्रमुख विशेषताएं
- स्टील्थ क्षमता: एफ-35 की डिज़ाइन इसे रडार द्वारा पकड़े जाने से बचाने के लिए बनाई गई है, जो इसे आधुनिक युद्ध में महत्वपूर्ण लाभ देता है।
- तीन संस्करण: एफ-35 के तीन मुख्य संस्करण हैं:
- एफ-35ए: पारंपरिक टेकऑफ़ और लैंडिंग (CTOL) के लिए।
- एफ-35बी: शॉर्ट टेकऑफ़ और वर्टिकल लैंडिंग (STOVL) के लिए।
- एफ-35सी: विमानवाहक पोतों के लिए कैरियर-आधारित (CV/CATOBAR)।
- पावरप्लांट: इसमें प्रैट एंड व्हिटनी F135-PW-100 आफ्टरबर्निंग टर्बोफैन इंजन है, जो 28,000 पाउंड (120 kN) ड्राई थ्रस्ट और 43,000 पाउंड (190 kN) आफ्टरबर्नर के साथ प्रदान करता है।
- हथियार क्षमता: इसमें 4 आंतरिक और 6 बाहरी हथियार स्टेशन हैं, जो 18,000 पाउंड (8,200 किग्रा) तक के हथियार ले जा सकते हैं।
विकास और लागत
एफ-35 का विकास लॉकहीड मार्टिन ने नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन और बीएई सिस्टम्स के साथ मिलकर किया है। इसकी पहली उड़ान 2006 में हुई थी, और यह 2015 से अमेरिकी सेना में सेवा में है। कार्यक्रम की लागत और जटिलता के कारण इसकी आलोचना भी हुई है। जुलाई 2024 तक, प्रति विमान की औसत लागत निम्नलिखित है:
- एफ-35ए: $82.5 मिलियन
- एफ-35बी: $109 मिलियन
- एफ-35सी: $102.1 मिलियन
भारत के संदर्भ में
हाल ही में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2025 में भारत को एफ-35 स्टील्थ लड़ाकू विमानों की बिक्री की पेशकश की, जिससे भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो सकता है जो इस अत्याधुनिक विमान का उपयोग करते हैं। यह प्रस्ताव भारत की वायु सेना को आधुनिक बनाने और क्षेत्रीय तनावों, विशेष रूप से चीन के बढ़ते सैन्य प्रभाव का मुकाबला करने के लिए है। हालांकि, भारत ने अभी तक इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है, और इसकी उच्च लागत और रखरखाव खर्चों की आलोचना हो रही है। इसके अलावा, भारत रूस के सु-57 विमानों के स्थानीय उत्पादन के प्रस्ताव पर भी विचार कर रहा है, जो “मेक इन इंडिया” पहल के अनुरूप है।
विवाद और आलोचना
एफ-35 की उच्च लागत और तकनीकी समस्याओं के कारण इसकी आलोचना हुई है। उदाहरण के लिए, एलन मस्क ने इसे “इतिहास में सबसे खराब सैन्य मूल्य” कहा है, यह दावा करते हुए कि ड्रोन के युग में मानवयुक्त लड़ाकू विमान पुराने हो चुके हैं। इसके बावजूद, इसकी उन्नत स्टील्थ और युद्ध क्षमताएं इसे विश्व की शीर्ष सैन्य तकनीकों में से एक बनाती हैं।लॉकहीड मार्टिन एफ-35 लाइटनिंग II एक क्रांतिकारी लड़ाकू विमान है जो आधुनिक युद्ध की आवश्यकताओं को पूरा करता है। भारत के लिए इसकी पेशकश सामरिक और कूटनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, लेकिन लागत और वैकल्पिक विकल्पों पर विचार करना भी आवश्यक है। यह विमान न केवल सैन्य शक्ति को बढ़ाता है, बल्कि वैश्विक रक्षा सहयोग में भी एक नया अध्याय खोल सकता है।


