युवाओं के लिए शिक्षा और कौशल विकास जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही आवश्यक है उचित पोषण। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने मुंबई के कांदिवली स्थित अटल बिहारी वाजपेयी कौशल्य विकास केंद्र में मालाबार ग्रुप की ‘हंगर फ्री वर्ल्ड’ पहल का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराकर उनके समग्र विकास को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम के तहत कौशल्य विकास केंद्र में अध्ययनरत 100 विद्यार्थियों को प्रतिदिन निःशुल्क पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक या पोषण संबंधी चुनौतियां विद्यार्थियों की शिक्षा, प्रशिक्षण और करियर निर्माण में बाधा न बनें।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए पियूष गोयल ने कहा कि भारत के युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार करने में कौशल विकास की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थियों को पोषण जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होती हैं, तब वे अपने सीखने और व्यक्तिगत विकास पर अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पोषण और शिक्षा का गहरा संबंध है। पर्याप्त और संतुलित भोजन न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि एकाग्रता, सीखने की क्षमता और आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है। ऐसे में यह पहल केवल भोजन उपलब्ध कराने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर मालाबार ग्रुप ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) कार्यक्रमों के विस्तार की भी घोषणा की। समूह ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 200 करोड़ रुपये के CSR व्यय का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह राशि शिक्षा, भूख उन्मूलन, स्वास्थ्य सेवा, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक क्षेत्रों में निवेश की जाएगी।
मालाबार ग्रुप के चेयरमैन एम.पी. अहमद ने कहा कि पोषण और शिक्षा एक-दूसरे के पूरक हैं। उनके अनुसार, यदि युवाओं को सही अवसरों के साथ आवश्यक पोषण भी मिले, तो वे आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि ‘हंगर फ्री वर्ल्ड’ पहल का उद्देश्य केवल भूख मिटाना नहीं, बल्कि युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए आवश्यक आधार प्रदान करना है।
यह पहल सरकार और निजी क्षेत्र के सहयोग का भी एक उदाहरण है। सामाजिक विकास के क्षेत्र में इस तरह की साझेदारियां न केवल जरूरतमंद समुदायों तक सहायता पहुंचाती हैं, बल्कि दीर्घकालिक परिवर्तन का मार्ग भी प्रशस्त करती हैं।
भारत में कौशल विकास और रोजगार सृजन पर बढ़ते फोकस के बीच यह पहल विशेष महत्व रखती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के साथ स्वास्थ्य और पोषण का सहयोग मिले, तो वे देश की आर्थिक प्रगति में अधिक प्रभावी योगदान दे सकते हैं।
‘हंगर फ्री वर्ल्ड’ पहल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जो यह संदेश देती है कि जब शिक्षा, कौशल और पोषण एक साथ आते हैं, तब विकास की संभावनाएं और अधिक मजबूत हो जाती हैं।
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