मुंबई (अनिल बेदाग): नॉस्टेल्जिया, मानसिक टकराव और गहरे मनोवैज्ञानिक रहस्यों से बुनी शॉर्ट फ़िल्म ‘विषाद’ का ट्रेलर हाल ही में सोशल मीडिया पर रिलीज़ किया गया है। ट्रेलर सामने आते ही दर्शकों की उत्सुकता तेज़ हो गई है और इसे एक सशक्त, सोचने पर मजबूर करने वाली फ़िल्म के रूप में देखा जा रहा है। आशीष विद्यार्थी, राजेश्वर और केतकी नारायण जैसे दमदार कलाकारों से सजी यह शॉर्ट फ़िल्म 16 जनवरी 2026 को रिलीज़ होने जा रही है और इस सीज़न की सबसे चर्चित फिल्मों में गिनी जा रही है।
1 मिनट 26 सेकंड लंबे ट्रेलर की शुरुआत एक बेहद शांत लेकिन भावनात्मक दृश्य से होती है। एक वृद्ध व्यक्ति अपने पुराने रेडियो को चालू करता है। जैसे ही कमरे की खामोशी टूटती है, एक लोकप्रिय बंगाली गीत गूंज उठता है। यह गीत सिर्फ़ बीते समय की यादें नहीं जगाता, बल्कि मन के भीतर दबी बेचैनी और अधूरे सवालों को भी सतह पर ले आता है। यही से ‘विषाद’ का रहस्यमय संसार दर्शकों को अपनी ओर खींचना शुरू करता है।
कहानी उस समय नया मोड़ लेती है जब एक पुलिस इंस्पेक्टर जांच के सिलसिले में डॉ. अनादि सेन के घर पहुंचता है। डॉक्टर का घर में प्रवेश से इनकार करना दोनों के बीच तीखे टकराव को जन्म देता है। गिरफ्तारी की चेतावनी, सख़्त संवाद और असहज खामोशी यह संकेत देती है कि इस घर की दीवारों के भीतर कोई गहरा और अनकहा राज़ छिपा है।
इसी के साथ ट्रेलर एक और भावनात्मक परत खोलता है। एक दंपती के रिश्ते में बढ़ता तनाव, टूटता विश्वास और अंततः तलाक़ तक पहुंचती कहानी मानवीय रिश्तों की नाज़ुकता को उजागर करती है। वहीं, एक रहस्यमय बच्चे की झलक पूरी कहानी को और अधिक जटिल और बेचैन कर देने वाली बना देती है।
फिल्म को लेकर आशीष विद्यार्थी का कहना है कि ‘विषाद’ सिर्फ़ एक शॉर्ट फ़िल्म नहीं, बल्कि एक एहसास है, जहां सबसे अहम बातें संवादों से नहीं, बल्कि खामोशी से कही जाती हैं। इंस्पेक्टर की भूमिका निभा रहे राजेश्वर मानते हैं कि यह फ़िल्म सवाल भी उठाती है और दर्शकों को आत्ममंथन के लिए मजबूर भी करती है।
नीलांजन रीता दत्ता द्वारा निर्मित और नवनीता सेन के निर्देशन में बनी यह मनोवैज्ञानिक शॉर्ट फ़िल्म 16 जनवरी 2026 को Pocket Films के YouTube चैनल पर प्रीमियर होगी। अपनी गहरी सोच, सशक्त अभिनय और रहस्यमय प्रस्तुति के साथ ‘विषाद’ दर्शकों के मन में देर तक रहने का वादा करती है।
Subscribe Deshwale on YouTube


