बांद्रा वेस्ट की सड़क पर घटिया निर्माण, बीएमसी की कड़ी कार्रवाईमुंबई की सड़कों की हालत को लेकर एक बार फिर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने सख्त रुख अपनाया है। शहर के H (वेस्ट) वार्ड, जिसमें बांद्रा, खार और सांताक्रुज़ जैसे इलाक़े शामिल हैं, में घटिया सड़क निर्माण को लेकर बीएमसी ने कड़ा एक्शन लिया है।
7 अप्रैल 2025 को अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बंगर ने अचानक 34वीं रोड, बांद्रा वेस्ट पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। जांच में जो सामने आया, वो हैरान करने वाला था।
घटिया सब-बेस, अधूरा क्यूरिंग और लापरवाही
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि जिस ड्राई लीन कंक्रीट (DLC) को सड़क की नींव के तौर पर इस्तेमाल किया गया था, उसकी गुणवत्ता बेहद खराब थी। उसमें न तो ग्रेडेशन ठीक था, न ही मिक्स डिज़ाइन। सतह उबड़-खाबड़ थी और कॉम्पैक्शन भी अधूरा। सबसे चौंकाने वाली बात ये थी कि जहां सात दिन तक ‘क्यूरिंग’ यानी नमी बनाए रखना ज़रूरी था, वहां ठेकेदार ने खुद स्वीकार किया कि उन्होंने सिर्फ तीन दिन ही क्यूरिंग की।
मामले में ज़रूरी फील्ड ड्राई डेंसिटी (FDD) टेस्ट भी नहीं किए गए थे, जो कि निर्माण के दौरान अनिवार्य होते हैं।
जुर्माना और निलंबन: सीधे संदेश के साथ कार्रवाई
बीएमसी ने तुरंत संबंधित सहायक अभियंता को निलंबित कर दिया। ठेकेदार पर ₹50 लाख का जुर्माना लगाया गया, जबकि निर्माण की गुणवत्ता देखने वाली निगरानी एजेंसी पर ₹25 लाख का दंड ठोका गया। दोनों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे इस घटिया निर्माण को पूरी तरह तोड़कर दोबारा, तय गुणवत्ता के अनुसार, निर्माण करें।
बीएमसी की सख्ती जारी, ये दूसरा बड़ा मामला
ये पहली बार नहीं है जब बीएमसी ने सड़क निर्माण में लापरवाही पर ऐसा एक्शन लिया हो। इससे पहले 16 अप्रैल को एक ठेकेदार को काम में देरी के चलते ब्लैकलिस्ट किया गया था और चार अन्य पर घटिया सामग्री के लिए जुर्माना लगाया गया था।
गड्ढा-मुक्त सड़कें, तय समय में: आयुक्त की चेतावनी
नगर आयुक्त भूषण गगरानी ने साफ कर दिया है कि सड़क निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बीएमसी का लक्ष्य है कि 31 मई 2025 तक मुंबई की तमाम सड़कों का सीमेंट कंक्रीटीकरण पूरा कर लिया जाए, जिससे मानसून तक शहर गड्ढामुक्त हो सके।
सख्त निगरानी, तय मापदंडों की पाबंदी और ज़िम्मेदारों पर कार्रवाई, बीएमसी अब सड़क निर्माण को लेकर बिल्कुल समझौता नहीं कर रही।


