सुबह उठते ही एक कप गरम कॉफी कई लोगों के लिए दिन तभी शुरू होता है जब यह पहला घूंट अंदर जाए। नींद की सुस्ती भगाने और दिमाग को जगाने के लिए यह आदत बेहद आम है। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि कॉफी पीने के तुरंत बाद दिल कुछ ज़्यादा ही तेज़ धड़कने लगता है, या धड़कन एक पल के लिए रुक-सी जाती है? ज़्यादातर मामलों में यह हानिरहित होता है, पर कभी-कभी यह शरीर का एक चेतावनी संकेत भी हो सकता है।
मणिपाल हॉस्पिटल, खराड़ी के कार्डियोलॉजी कंसल्टेंट डॉ. आकाश मोटगी के मुताबिक, कैफीन शरीर के नर्वस सिस्टम पर सीधा असर डालता है। यह एक प्राकृतिक स्टिमुलेंट है जो एड्रेनालिन हार्मोन को अचानक बढ़ा देता है वही हार्मोन जो शरीर की “फाइट या फ्लाइट” यानी लड़ो या भागो वाली प्रतिक्रिया को ट्रिगर करता है। इसी वजह से कॉफी पीने के बाद कुछ देर के लिए ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट और सतर्कता तीनों बढ़ सकते हैं।
डॉक्टर के मुताबिक यह प्रतिक्रिया आम बात है और कई स्वस्थ लोगों को भी होती है। सामान्य मात्रा में कॉफी पीने से आमतौर पर दिल पर कोई गंभीर असर नहीं पड़ता। लेकिन एक सीमा के बाद यह बदलता है ज़्यादा कैफीन लेने पर, या फिर जिन लोगों का शरीर कैफीन के प्रति ज़्यादा संवेदनशील होता है, उनमें दिल से जुड़े लक्षण साफ नज़र आने लगते हैं।
डॉ. मोटगी बताते हैं कि जब बार-बार अत्यधिक कैफीन का सेवन धड़कन तेज़ होने, सीने में दर्द, चक्कर आने या सांस फूलने जैसी दिक्कतों में बदलने लगे, तो यह चिंता की बात बन जाती है। एक दिलचस्प बात यह भी है कि खाली पेट तेज़ कॉफी पीना असर को और बढ़ा सकता है, क्योंकि खाली पेट कैफीन शरीर में कहीं ज़्यादा तेज़ी से अवशोषित होता है।
सिर्फ कॉफी ही अकेली वजह नहीं है। डॉक्टर के अनुसार एनर्जी ड्रिंक्स, सिगरेट, प्री-वर्कआउट सप्लीमेंट्स, शरीर में पानी की कमी और मानसिक तनाव भी दिल की धड़कन को असामान्य बना सकते हैं। इसलिए अगर सुबह-सुबह दिल तेज़ धड़कता महसूस हो, तो सिर्फ कॉफी को दोष देने की बजाय बाकी आदतों पर भी गौर करना ज़रूरी है।
दिल की तेज़ धड़कन महसूस होना आम बात है और अक्सर यह अपने आप शांत भी हो जाती है। लेकिन अगर यह बार-बार होने लगे या सामान्य से ज़्यादा देर तक बनी रहे, तो यह एरिद्मिया यानी दिल की धड़कन की गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। डॉ. मोटगी के अनुसार कुछ लक्षण ऐसे हैं जिन्हें बिल्कुल नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए सीने में दर्द या जकड़न महसूस होना, सांस लेने में तकलीफ होना, चक्कर या हल्कापन महसूस होना, बेहोशी आना या बेहोशी जैसा एहसास होना, बिना किसी शारीरिक मेहनत के अत्यधिक पसीना आना, और आराम की हालत में भी दिल की धड़कन का असामान्य रूप से तेज़ बने रहना।
डॉक्टर यह भी चेताते हैं कि जिन लोगों के परिवार में अचानक हृदयाघात या वंशानुगत हृदय-लय संबंधी बीमारियों का इतिहास रहा हो, उन्हें विशेष रूप से सतर्क रहना चाहिए। उनके मुताबिक ये लक्षण कई बार सुप्रावेंट्रिकुलर टैकीकार्डिया, एट्रियल फिब्रिलेशन या दिल की धड़कन से जुड़ी अन्य गड़बड़ियों के शुरुआती संकेत भी हो सकते हैं।
राहत की बात यह है कि अगर वजह सिर्फ अत्यधिक कैफीन है, तो कुछ आसान आदतें बदलकर इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। कॉफी की मात्रा धीरे-धीरे कम करना, इसे खाली पेट न पीना, दिनभर पर्याप्त पानी पीना और नींद पूरी लेना ये सभी छोटे बदलाव दिल की धड़कन को स्थिर रखने में मदद कर सकते हैं।
फिर भी डॉक्टर की सलाह साफ है अगर धड़कन बार-बार तेज़ होती रहे, कई मिनटों तक बनी रहे, या इसके साथ सीने में तकलीफ, चक्कर या बेहोशी जैसा एहसास भी हो, तो इसे सामान्य कॉफी का असर मानकर टालना ठीक नहीं। ऐसी स्थिति में समय रहते किसी कार्डियोलॉजिस्ट से सलाह लेना ही सबसे सही कदम है।
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है और किसी चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
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