मुंबई तैयार है अपनी पहली ‘वॉटर मेट्रो’ के लिए
मुंबई अब एक नए और बेहतर यातायात अनुभव के लिए तैयार हो चुका है। कोच्चि से प्रेरित होकर, शहर जल्द ही अपनी पहली “वॉटर मेट्रो” सेवा शुरू करेगा। इस परियोजना का उद्देश्य सड़कों पर होने वाली भीड़-भाड़ को कम करना और यात्रियों को एक तेज़ और सुविधाजनक यात्रा विकल्प देना है।
महाराष्ट्र सरकार ने इस सपने को साकार करने के लिए केंद्र सरकार से मदद की मांग की है। इस योजना के तहत, इलेक्ट्रिक फेरीज़ मुंबई के प्रमुख स्थानों जैसे वसई, ठाणे और बोरीवली को जोड़ने का काम करेंगी।
कितने स्टेशन हैं योजना में हैं?
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में 21 स्टेशन निर्धारित किए गए हैं। इनमें बोरीवली, मीरा भाईंदर, वसई और ठाणे जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं।
इसके अलावा, वॉटर मेट्रो यात्रियों को एक सहज और आरामदायक सफर का अनुभव भी प्रदान करेगी, जिससे यात्रा का समय भी काफी घट जाएगा।
यात्रा का समय और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी
वसई से ठाणे तक की यात्रा केवल 40 से 50 मिनट में हो सकेगी, जबकि आज के समय में सड़क मार्ग से यह यात्रा दो घंटे तक भी खिंच सकती है।
इसके अलावा, ये इलेक्ट्रिक फेरीज़ पारंपरिक सड़क परिवहन के मुकाबले एक शांत और साफ सफर का वादा करती हैं, जिससे प्रदूषण भी कम होगा।
महाराष्ट्र मरीन बोर्ड इस परियोजना को नेतृत्व प्रदान करेगा। अधिकारी परियोजना रिपोर्टों पर काम कर रहे हैं और केंद्र से वित्तीय और तकनीकी सहायता की मांग कर चुके हैं।
राज्य सरकार कोच्चि के सफल मॉडल को बड़ी संख्या में लागू करने का इरादा रखती है, लेकिन इस बार इसका आकार बहुत बड़ा होगा।
जल्द ही, वॉटर मेट्रो मुंबई की भविष्य की यात्रा व्यवस्था का एक अहम हिस्सा बन सकती है।


