उत्तराखंड के उत्तरकाशी के पास मंगलवार सुबह एक निजी हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया। इस दर्दनाक हादसे में चार पर्यटकों की जान चली गई। हेलिकॉप्टर ने उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद संतुलन खो दिया और पहाड़ी से टकराकर क्रैश हो गया।
उड़ान के चंद मिनटों में हादसा
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, हेलिकॉप्टर ने उत्तरकाशी के एक हेलीपैड से उड़ान भरी थी। कुछ ही देर बाद उसमें तकनीकी गड़बड़ी आई और वह सीधे पहाड़ी से जा टकराया। प्रत्यक्षदर्शियों ने एक जोरदार धमाके की आवाज सुनी और फिर वहां से धुएं का गुबार उठता दिखा। राहत और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन किसी को भी जिंदा नहीं पाया गया।
एक अधिकारी ने बताया, “हेलिकॉप्टर में चार लोग सवार थे, सभी की मौत हो चुकी है। उनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है।” हादसे में पायलट समेत कोई अतिरिक्त क्रू मेंबर नहीं था।
साफ मौसम, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी की आशंका
हादसे के समय मौसम साफ था, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि हेलिकॉप्टर कैसे क्रैश हुआ। शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी या पायलट की गलती पर शक जताया जा रहा है। डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने जांच शुरू कर दी है और हेलिकॉप्टर के फ्लाइट डेटा, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और मलबे की बारीकी से जांच की जा रही है।
पहाड़ी इलाकों में उड़ानों की सुरक्षा पर सवाल
उत्तरकाशी चारधाम यात्रा का अहम केंद्र है और यहां हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में हेलिकॉप्टर सेवाओं की मांग भी तेज रहती है। लेकिन इस हादसे ने हेली सेवाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एक पर्यटन अधिकारी ने कहा, “यह हादसा आंखें खोलने वाला है। पहाड़ी इलाकों में हवाई सेवाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।”
हादसे में मारे गए सभी यात्रियों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और उनके परिवारों को सूचित किया जा रहा है। उड्डयन विभाग और अन्य एजेंसियों की जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आ सकेगी।


