कनाडा की राजनीति में एक नया इतिहास रचते हुए, अनिता आनंद को 13 मई 2025 को प्रधानमंत्री मार्क कार्नी द्वारा विदेश मंत्री नियुक्त किया गया। वह इस पद को संभालने वाली पहली हिंदू और भारतीय मूल की महिला हैं। उनकी नियुक्ति कनाडा की विविधता और समावेशिता की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
अनिता आनंद का जन्म 1967 में केंटविले, नोवा स्कोटिया में हुआ था। उनके पिता तमिलनाडु से थे और रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट के रूप में कार्यरत थे, जबकि उनकी मां पंजाब से थीं और न्यूट्रिशनिस्ट के रूप में काम करती थीं। वह चार बच्चों में सबसे छोटी हैं।
उन्होंने अपनी शिक्षा के लिए कई प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययन किया:
- क्वीन्स यूनिवर्सिटी से कला स्नातक (BA)
- ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के वाधम कॉलेज से कानून में स्नातक (BA Jurisprudence)
- डलहौज़ी यूनिवर्सिटी से कानून स्नातक (LLB)
- टोरंटो विश्वविद्यालय से कानून में मास्टर डिग्री (LLM)
राजनीति में आने से पहले, उन्होंने टोरंटो विश्वविद्यालय में कानून की प्रोफेसर के रूप में कार्य किया, जहां उनका विशेषज्ञता क्षेत्र कॉर्पोरेट गवर्नेंस और वित्तीय बाजार था।
राजनीतिक करियर
2019 में, अनिता आनंद ओकविल निर्वाचन क्षेत्र से संसद सदस्य चुनी गईं। इसके बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों में कार्य किया:
सार्वजनिक सेवाएं और खरीद मंत्री (2019–2021): COVID-19 महामारी के दौरान टीकों और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों की खरीद की निगरानी की।
राष्ट्रीय रक्षा मंत्री (2021–2023): कनाडाई सशस्त्र बलों में यौन उत्पीड़न के मामलों से निपटने और यूक्रेन को सैन्य सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
परिवहन और आंतरिक व्यापार मंत्री (2024–2025): कनाडा की परिवहन अवसंरचना और आंतरिक व्यापार संबंधों को मजबूत किया।
विदेश मंत्री के रूप में उनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की नई कैबिनेट का हिस्सा है, जो अमेरिका के साथ व्यापारिक तनावों और वैश्विक कूटनीतिक संबंधों को पुनर्परिभाषित करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।
व्यक्तिगत जीवन और सांस्कृतिक पहचान
अनिता आनंद ने 1995 में जॉन नोल्टन से विवाह किया। वे ओकविल, ओंटारियो में अपने चार बच्चों के साथ रहती हैं।
एक प्रैक्टिसिंग हिंदू के रूप में, उन्होंने अपने शपथ ग्रहण समारोह में भगवद गीता पर हाथ रखकर शपथ ली, जो उनकी सांस्कृतिक जड़ों और विश्वास को दर्शाता है। यह परंपरा उन्होंने 2019 में अपनी पहली कैबिनेट नियुक्ति के समय भी निभाई थी।


