12 जून 2025 को, एयर इंडिया की उड़ान AI171 अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह बोइंग 787 ड्रीमलाइनर लंदन गैटविक जा रही थी। उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद यह हादसा हुआ, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया। आपातकालीन टीमें तुरंत मौके पर पहुंची। मेघानी नगर में घना धुआं दिखा, जो त्रासदी का संकेत था।
दुर्घटना का विवरण और प्रतिक्रिया
हादसा दोपहर 1:38 बजे IST हुआ। उड़ान AI171 ने 1:09 बजे रनवे 23 से उड़ान भरी। पांच मिनट बाद, यह मेघानी नगर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। एयर इंडिया ने X पर बयान जारी किया: “उड़ान AI171, जो अहमदाबाद-लंदन गैटविक के लिए थी, आज 12 जून 2025 को एक हादसे में शामिल हो गई। हम विवरण जुटा रहे हैं और जल्द से जल्द airindia.com और हमारे X हैंडल पर अपडेट साझा करेंगे।”
इसके अलावा, फायर ऑफिसर जयेश खड़िया ने कहा, “विमान में आग लग गई। फायर ब्रिगेड ने आग बुझाने के लिए तुरंत कार्रवाई की।” छह NDRF टीमें और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। इसलिए, अहमदाबाद हवाई अड्डे ने उड़ानें रोक दीं।
आधिकारिक प्रतिक्रियाएं
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने दुख जताया। उन्होंने X पर लिखा, “एयर इंडिया की दुर्घटना से मैं बहुत दुखी हूं। मैंने अधिकारियों को तत्काल बचाव और उपचार की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।” उन्होंने घायलों के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र सरकार की मदद का आश्वासन दिया।
इसके साथ ही, नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा, “मैं स्तब्ध और दुखी हूं। मैं स्थिति पर नजर रख रहा हूं और एजेंसियों को तेजी से काम करने का निर्देश दिया है।” वे मौके पर पहुंचे।
प्रभाव और अनिश्चितता
दुर्घटना से आसपास की इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं। पूर्व गुजरात CM विजय रूपाणी के विमान में होने की खबर थी, लेकिन पुष्टि नहीं हुई। उदाहरण के लिए, पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने X पर लिखा, “यह हादसा मुझे झकझोर गया। मैं बचे लोगों के लिए प्रार्थना करती हूं।”
हालांकि, हताहतों की संख्या अस्पष्ट है। DGCA ने बताया कि विमान ने “मेडे” कॉल किया, फिर संपर्क टूट गया। भारी ईंधन के कारण आग तेजी से फैली, जिसने बचाव को कठिन बनाया।
अगले कदम
हादसे के कारण की जांच शुरू हो गई है। तकनीकी खराबी या मानवीय त्रुटि संभावित कारण हो सकते हैं। इस बीच, एयर इंडिया ने आपातकालीन केंद्र शुरू किया। देश अपडेट का इंतजार कर रहा है।
यह त्रासदी उड्डयन सुरक्षा पर सवाल उठाती है। भारत शोक में है। पारदर्शिता से विश्वास बहाल हो सकता है। हमारी संवेदनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं।


