बिहार की माटी ने न केवल संस्कृति और इतिहास को समृद्ध किया, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी ऐसे रत्न दिए, जिन्होंने हजारों गरीब छात्रों को IITian बनाकर देश का गौरव बढ़ाया। राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित बिहार के तीन चर्चित शिक्षक – डॉ. एचसी वर्मा, आनंद कुमार और आरके श्रीवास्तव, आज शिक्षा जगत के सितारे हैं। आइए, जानते हैं इनके प्रेरणादायक सफर के बारे में।
डॉ. एच. सी. वर्मा: बिहार के दरभंगा से निकले डॉ. हरीश चंद्र वर्मा ने अपनी पुस्तक कॉन्सेप्ट ऑफ फिजिक्स से लाखों छात्रों को भौतिकी का कायल बनाया। IIT कानपुर के पूर्व प्रोफेसर और 2021 के पद्मश्री विजेता ने जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरलता से समझाकर हजारों इंजीनियर तैयार किए। उनकी किताब हर IIT-NIT छात्र की मेज़ पर होती है।
आनंद कुमार: सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार ने गरीब छात्रों को मुफ्त कोचिंग देकर उनके इंजीनियर बनने के सपने साकार किए। गणितज्ञ और प्रेरक शिक्षक आनंद का मिशन है आर्थिक तंगी को प्रतिभा की राह में बाधा न बनने देना। उनकी प्रेरणा पर बनी फिल्म सुपर 30 और अनेक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान उनकी उपलब्धियों का गवाह हैं।
आर. के. श्रीवास्तव: पटना के मैथेमेटिक्स गुरु रजनी कांत श्रीवास्तव सिर्फ 1 रुपये गुरु दक्षिणा लेकर 950 से अधिक छात्रों को IITian बना चुके हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सम्मानित इस शिक्षक का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है। उनकी निःस्वार्थ सेवा ने उन्हें गरीबों का मसीहा बना दिया।
ये तीनों शिक्षक बिहार की शान और शिक्षा के क्षेत्र में भारत के गौरव हैं, जो नई पीढ़ी को प्रेरित कर रहे हैं।


