स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर जी द्वारा भारतीय संगीत जगत एवं राष्ट्र के प्रति दिए गए अतुलनीय योगदान को सम्मानित करने तथा उनके अमूल्य संगीत धरोहर को आने वाली पीढ़ियों तक प्रेरणा स्वरूप पहुंचाने के उद्देश्य से स्वर्णिम धरोहर लता फाऊंडेशन रायपुर छत्तीसगढ़ द्वारा महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। फाउंडेशन ने लता दीदी के सम्मान में स्वर्णिम धरोहर लता सम्मान की स्थापना वर्ष 2024-25 में की है।
इसके अंतर्गत प्रथम स्वर्णिम धरोहर लता सम्मान 2024-25 महान संगीतकार, ग़ज़ल गायक एवं लता दीदी के साथ अनेक सुपरहिट यादगार गीतों को गाने वाले पार्श्व गायक स्वर्गीय भूपेंद्र सिंह जी को संगीत जगत में अतुलनीय कार्य करने के लिए मरणोपरांत प्रदान किया गया। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मिताली सिंह ने इस सम्मान को 6 फरवरी 2025 को रायपुर पधार कर ग्रहण किया।
अगले 2025-2026 के स्वर्णिम धरोहर लता सम्मान हेतु फिल्म जगत के सुप्रसिद्ध वरिष्ठ संगीतकार श्री उत्तम सिंह जी के नाम की घोषणा संस्था के संस्थापक श्री मनोज शर्मा द्वारा की गई है और इस हेतु श्री उत्तम सिंह जी को संस्था के संस्थापक श्री मनोज शर्मा, श्री कमल शर्मा, दीपक हटवार, विवेक टांक और डू ना रमेश द्वारा सादर आमंत्रित किया गया है।
श्री उत्तम सिंह जी की संगीत यात्रा का लता मंगेशकर जी के साथ बहुत पुराना और गहरा संबंध रहा है। श्री उत्तम सिंह संगीतकार सचिन देव बर्मन, संगीतकार मदन मोहन जैसे विख्यात संगीतकारों के साथ विगत 64 वर्षों म्यूजिक अरेंजर के रूप में जुड़े रहे हैं और लता जी के साथ उन्होंने अनेक गीतों का निर्माण किया। तत्पश्चात 80 के दशक में स्वतंत्र रूप से उत्तम सिंह जी ने मनोज कुमार जी की मशहूर फिल्म ‘पेंटर बाबू’ से संगीत निर्देशक का कार्य प्रारंभ किया। उसके बाद ‘वारिस’, ‘दिल तो पागल है’, ‘दुश्मन’ जैसी अनेक फिल्मों में लता जी के साथ उत्तम सिंह जी ने कई सुपरहिट गीतों की रचना की।
उत्तम सिंह जी ने बताया कि स्वर्णिम धरोहर लता मंगेशकर फाउंडेशन द्वारा लता दीदी की स्मृति में स्थापित इस सम्मान के लिए उनके नाम की घोषणा करना उनके लिए एक सौभाग्य की बात है और वह इस सम्मान को सहर्ष स्वीकार करते हुए 7 फरवरी 2026 को रायपुर अवश्य पधारेंगे।
सम्मान में लता जी की कांस्य प्रतिमा, प्रशस्ति पत्र और एक लाख 21 हजार रुपए नकद प्रदान किए जाते हैं।


