अगर आप रोज़ाना घाटकोपर या कुर्ला की साइड से सफर करते हैं, तो एक बड़ी राहत की खबर है। सालों से लटकी हुई विद्याविहार रोड ओवर ब्रिज (ROB) परियोजना अब आखिरकार पटरी पर लौट रही है। उम्मीद की जा रही है कि ये पुल अगले साल अप्रैल तक बनकर तैयार हो जाएगा।
ये ब्रिज लाल बहादुर शास्त्री मार्ग को रामकृष्ण चेम्बुरकर मार्ग से जोड़ेगा। मतलब, अब लोगों को रेलवे लाइन पार करने के लिए लंबा चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। खासकर ईस्ट-वेस्ट डायरेक्शन में रोज़ का ट्रैफिक काफी हल्का हो सकता है।
देरी क्यों हुई?
इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 2016 में हुई थी, लेकिन काम रुकता रहा। वजहें कई थीं – अतिक्रमण हटाना, पेड़ों का ट्रांसप्लांटेशन, टिकट काउंटर शिफ्ट करना और यूटिलिटी लाइनें हटाना। इसके ऊपर से कोविड का असर और स्टील की कमी ने प्रोजेक्ट को और पीछे धकेल दिया।
पहले इसे दिसंबर 2024 तक पूरा करने की बात थी, लेकिन अब नई डेडलाइन अप्रैल 2026 रखी गई है। अच्छी बात ये है कि अब काम दोबारा तेजी से शुरू हो चुका है।
क्या बदलेगा आम यात्रियों के लिए?
इस वक्त अगर किसी को मुंबई के ईस्टर्न सबर्ब से रेलवे लाइन पार करनी हो, तो घाटकोपर या कुर्ला का रास्ता ही लेना पड़ता है। और इन रास्तों की हालत आप जानते ही हैं – सुबह-शाम ट्रैफिक में फंसे रहो।
एक लोकल यात्री ने बताया कि सिर्फ 1 किलोमीटर का सफर, जो कि कामा लेन घाटकोपर वेस्ट से कीरोल रोड सिग्नल तक है, उसमें 10 मिनट तक लग जाते हैं। सोचिए, ये पुल बन गया तो रोज़ का कितना समय बचेगा।
सिर्फ विद्याविहार ही नहीं, बल्कि घाटकोपर, विक्रोली और भांडुप में भी कुछ और ब्रिज बनने वाले हैं। अगर सब सही से समय पर पूरे हो गए, तो ईस्टर्न साइड का ट्रैफिक काफी हद तक कम हो सकता है।
तो अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा, लेकिन ये ब्रिज हजारों लोगों के लिए रोज़ के सफर को बहुत आसान बना सकता है।


