Coke Studio Bharat ने अपने सीजन 4 के दूसरे ट्रैक ‘Bulleya Ve’ के साथ एक बार फिर संगीत प्रेमियों को गहराई से छूने वाला अनुभव दिया है। ‘Ae Ajnabee’ की सफलता के बाद आया यह नया गीत सूफी दर्शन की उस सच्चाई को सामने लाता है, जहां इंसान की सबसे कठिन यात्रा अपने ही अहंकार से बाहर निकलने की होती है।

‘Bulleya Ve’ महान सूफी संत Bulleh Shah और उनके गुरु Shah Inayat के रिश्ते से प्रेरित है। यह गीत अहंकार, दूरी और आत्मसमर्पण की कहानी कहता है। बुलेह शाह का अपने गुरु के प्रति प्रेम गहरा था, लेकिन एक क्षण का अहंकार उनके रिश्ते में दरार पैदा करता है। इसके बाद जो खामोशी आती है, वही सबसे बड़ी सजा बन जाती है। अंत में, बुलेह शाह अपने अहंकार को छोड़कर एक साधक के रूप में लौटते हैं।

इस गीत की सबसे खास बात है इसकी सादगी और भावनात्मक गहराई। Ashok Maskeen, जो जालंधर के एक मिल वर्कर हैं, अपनी कच्ची और सच्ची आवाज से गीत में वास्तविकता का रंग भरते हैं। उनके साथ Madhur Sharma और Swarit Shukl जुड़े हैं। माधुर शर्मा की आवाज गीत में भावनात्मक संतुलन लाती है, जबकि स्वारित शुक्ल का न्यूनतम संगीत संयोजन कहानी को केंद्र में रखता है।

यह ट्रैक दिखाता है कि संगीत सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का माध्यम भी हो सकता है। ‘Bulleya Ve’ में न कोई शोर है और न ही कोई भारी-भरकम प्रोडक्शन। इसके बजाय, यह गीत अपने शांत और गहरे भावों के जरिए श्रोता के दिल तक पहुंचता है।

The Coca-Cola Company के इस म्यूजिक प्लेटफॉर्म का मकसद हमेशा से भारतीय संगीत की विविधता को सामने लाना रहा है। ‘Bulleya Ve’ उसी दिशा में एक और मजबूत कदम है, जो पारंपरिक सूफी कविता को आधुनिक संगीत के साथ जोड़ता है।

इससे पहले ‘Ae Ajnabee’ ट्रैक को भी दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था और वह डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से लोकप्रिय हुआ। अब ‘Bulleya Ve’ के साथ Coke Studio Bharat ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय संगीत की आत्मा को नए अंदाज में पेश किया जा सकता है।

यह गीत सिर्फ सुनने के लिए नहीं, बल्कि महसूस करने के लिए है। यह हमें याद दिलाता है कि कभी-कभी खुद को खो देना ही सबसे बड़ा पाने का रास्ता होता है।

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