भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबुबकर अहमद, जिन्हें कंठापुरम ए.पी. अबूबकर मुस्लियार के नाम से जाना जाता है, ने यमन में केरल की नर्स निमिषा प्रिया की फांसी रुकवाकर एक प्रेरक मिसाल कायम की। 37 वर्षीय निमिषा को 2017 में यमनी नागरिक तलाल अब्दो महदी की हत्या के लिए मौत की सजा मिली थी। 16 जुलाई 2025 को उनकी फांसी के कुछ घंटे पहले, मुफ्ती के प्रयासों से सजा स्थगित हो गई।

94 वर्षीय शेख अबुबकर, कोझिकोड, केरल के सुन्नी मुस्लिम विद्वान, ऑल इंडिया सुन्नी जमीयतुल उलमा और समस्ता केरल जेम-इय्यतुल उलमा के महासचिव हैं। भारत के दसवें ग्रैंड मुफ्ती के रूप में, वे धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में प्रभावशाली हैं। कांग्रेस विधायक चांडी ओम्मन की अपील पर, मुफ्ती ने यमन के सूफी विद्वान शेख हबीब उमर बिन हाफिज से संपर्क किया। उन्होंने पीड़ित परिवार से माफी या शरिया कानून के तहत दियाह (ब्लड मनी) स्वीकार करने की बात की। इसके फलस्वरूप, 14 जुलाई 2025 को यमनी विशेष आपराधिक न्यायालय ने फांसी स्थगित कर दी।
केरल के कोझिकोड में ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबक्र अहमद कंथापुरम ने बताया कि इस्लाम का एक अलग कानून है। अगर हत्यारे को मौत की सजा सुनाई जाती है तो पीड़ित के परिवार को माफी का हक है। मुझे नहीं पता कि यह परिवार कौन है, लेकिन मैंने दूर से ही यमन के जिम्मेदार विद्वानों से संपर्क किया। मैंने उन्हें इस मुद्दे को समझाया। इस्लाम एक ऐसा धर्म है जो मानवता को बहुत महत्व देता है। “मैंने मानवता के नाते हस्तक्षेप किया,” मुफ्ती ने कहा। “धर्म या जाति से ऊपर, इंसानियत मेरी प्राथमिकता है।” उनकी सहानुभूति निमिषा की मां और बेटी के लिए थी, जो उनकी रिहाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
निमिषा का मामला
केरल के पालक्कड़ की निमिषा 2017 में यमन में अपराध में फंस गई थीं। उनकी सजा ने परिवार को दुख में डुबो दिया। सेव निमिषा प्रिया इंटरनेशनल एक्शन काउंसिल, उद्योगपति एम.ए. यूसुफ अली और बोबी चेम्मनूर के साथ, पीड़ित परिवार को 1 मिलियन डॉलर (लगभग 8.6 करोड़ रुपये) की ब्लड मनी की पेशकश कर चुका है, जिसे अभी स्वीकार नहीं किया गया।
भारत का हौथी-नियंत्रित यमन के साथ कोई राजनयिक संबंध नहीं है, फिर भी मुफ्ती ने यमनी विद्वानों और जनजातीय नेताओं से बातचीत की। उनकी वैश्विक साख, जिसमें मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी और यूएई के शासक परिवार शामिल हैं, ने इस मामले में मदद की।
शेख अबुबकर: एक प्रेरक व्यक्तित्व
शेख अबुबकर कोझिकोड में मार्कज नॉलेज सिटी के संस्थापक हैं, जहां मेडिकल और लॉ कॉलेज हैं। 2019 में दिल्ली के गरीब नवाज शांति सम्मेलन में उन्हें ग्रैंड मुफ्ती घोषित किया गया। खाड़ी देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया में उनके व्याख्यान उन्हें वैश्विक पहचान देते हैं।
केरल में खुशी, भविष्य में उम्मीद
फांसी के स्थगन से केरल में खुशी की लहर है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने इसे “आशापूर्ण” बताया। मुफ्ती के सहयोगी सय्यद इब्राहिमुल खलीलुल बुखारी ने कहा, “मौत की सजा से बचने की संभावना है। बातचीत सकारात्मक है।”
शेख अबुबकर की यह कहानी मानवता और करुणा की ताकत दिखाती है। निमिषा की रिहाई के लिए प्रयास जारी हैं, और उनकी कहानी हमें याद दिलाती है कि एक व्यक्ति का संकल्प बड़ा बदलाव ला सकता है।


