अपने बारीक नज़रिए और गहरी कहानी कहने की कला के साथ, डायरेक्टर विशाल फुरिया ने पिछले एक दशक में भारतीय हॉरर और थ्रिलर जॉनर में अपनी अलग पहचान बनाई है। मराठी हॉरर फिल्म ‘लपाछपी’ से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद, उन्होंने बॉलीवुड में ‘छोरी’ और ‘फॉरेंसिक’ जैसी रोमांचक कहानियां दीं। अब वह ‘छोरी 2’ के साथ वापसी कर रहे हैं, जिसमें नुशरत भरुचा और सोहा अली खान मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म 11 अप्रैल 2025 को अमेज़न प्राइम वीडियो पर प्रीमियर होगी। यह सीक्वल न केवल विशाल के हॉरर के प्रति समर्पण को दर्शाता है, बल्कि एक ऐसे जॉनर को भी बल देने की कोशिश करता है, जो बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष करता रहा है।
विशाल का हॉरर जॉनर से जुड़ाव बहुत गहरा है, जो उनके बचपन की उन घटनाओं से प्रेरित है, जब डर धीरे-धीरे उनके लिए आकर्षण का विषय बन गया। अपने शुरुआती हॉरर अनुभव को याद करते हुए वे बताते हैं कि ‘ए नाइटमेयर ऑन एल्म स्ट्रीट’ देखने के बाद उनका डर एक जुनून में बदल गया। वह कहते हैं, “फ्रेडी का किरदार मेरे दिमाग में बस गया था। वह मेरे सपनों में आने लगा और इतना डराने लगा कि मैं सोने से भी डरता था!”
‘छोरी 2’ की कहानी साक्षी (नुशरत भरुचा) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अब एक 7 साल की बच्ची की मां है। उनकी शांत ज़िंदगी तब उथल-पुथल हो जाती है जब उनकी बेटी का अपहरण कर उसे उन्हीं खेतों में ले जाया जाता है, जहां से कभी साक्षी ने खुद को बचाया था। अब उसे एक और भी भयावह और खतरनाक दुनिया में उतरना होगा। इस बार विशाल ने एक ऐसा माहौल बनाया है, जो न केवल डरावना है, बल्कि घुटनभरा भी है। भूलभुलैया जैसे सुरंगों, सूखे कुओं और पुरानी रहस्यमयी इमारतों के बीच साक्षी न केवल भौतिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी फंसा हुआ महसूस करती है।
बॉलीवुड में हॉरर फिल्मों का सफर अब तक ज़्यादातर ओवर-द-टॉप ड्रामा और रटे-रटाए फॉर्मूला तक सीमित रहा है, जिससे इस जॉनर की विश्वसनीयता पर असर पड़ा। हालांकि, विशाल हॉरर को नया सम्मान दिलाने के मिशन पर हैं। वे टिम बर्टन, गिलर्मो देल टोरो, जॉर्डन पील, ताकाशी मीके, एम. नाइट श्यामलन, और एरी एस्टर जैसे दिग्गजों से प्रेरित हैं और बॉलीवुड हॉरर को एक नया आयाम देना चाहते हैं। वे कहते हैं, “बॉलीवुड हॉरर अब तक ज़्यादातर स्लीज़ और मसाला हॉरर का मिश्रण रहा है, जिससे इस जॉनर की इज़्ज़त कम हो गई और इसे बी-ग्रेड फिल्मों की तरह देखा जाने लगा। मेरा प्रयास है कि मैं भारतीय क्लासिक हॉरर जॉनर को सम्मान दिला सकूं। हॉरर फिल्मों की ताकत सिर्फ डराने में नहीं, बल्कि दर्शकों को गहरी भावनाएं महसूस कराने में भी है – डर, दहशत, खून-खराबा, सहानुभूति और प्रेम भी।“
विशाल का मानना है कि अच्छी हॉरर फिल्म वह होती है, जो दर्शकों के दिमाग में लंबे समय तक बनी रहती है। वह आगे कहते हैं, “मैंने छोरी यूनिवर्स में सोशल हॉरर का इस्तेमाल किया है, ताकि समाज में व्याप्त असमानता और उत्पीड़न जैसे मुद्दों को हॉरर के ज़रिए दिखाया जा सके। डर, सस्पेंस, खून-खराबे और रहस्य का सहारा लेकर, हम गहरे सामाजिक संदेश दे सकते हैं।“
विशाल आने वाले समय में हॉरर की कई अलग-अलग श्रेणियों में काम करने की योजना बना रहे हैं, लेकिन वह केवल भारतीय संस्कृति और लोककथाओं पर आधारित कहानियां ही कहना चाहते हैं। ‘छोरी 2’ के बाद वह अपनी अगली फिल्म ‘मां’ पर काम कर रहे हैं, जो एक माइथोलॉजिकल हॉरर फिल्म होगी। इस में काजोल मुख्य भूमिका में होंगी और फिल्म का निर्माण अजय देवगन कर रहे हैं। हालांकि फिल्म की ज़्यादा जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन यह इस जून में सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी और बॉलीवुड में हॉरर जॉनर की सीमाओं को और आगे बढ़ाने का काम करेगी। और इस पर हमारा कहना है – डरने के लिए तैयार रहिए!

