मुंबई में वर्षा का आगमन होते ही, एशिया के सबसे बड़े कॉलेज फेस्ट में से एक, मल्हार ने भी दस्तक दे दी है। प्रतिष्ठित संत वियर्स कॉलेज का सुप्रसिद्ध वार्षिक फेस्ट मल्हार हर वर्ष अगस्त के महीने में होता है और इस वर्ष १४, १५ और १६ अगस्त को आयोजित किया जाएगा। तीन दिवसीय यह उत्सव हर वर्ष की तरह इस बार भी कला, संगीत, नाट्य, भाषण, प्रदर्शन और चनात्मकता का जीवंत संगम बनेगा । २०,००० से अधिक दर्शकों की वार्षिक उपस्थिति और कई प्रतियोगिताओं के साथ, मल्हार न केवल एक महोत्सव है बल्कि यह एक जीवंत ब्रह्मांड है- विचारों, भावनाओं और रचनात्मकता से बना हुआ।

इस वर्ष का थीम है “मल्हारः एक दुनिया भीतर”- यह मूलसंकल्पना हमें हमारे भीतर बसे अनंत ब्रह्मांड की ओर देखने और उसे समझने का निमंत्रण देती है। हर साल संत ज़ेवियर्स कॉलेज के प्रांगण में यह उत्सव एक नए ब्रह्मांड की तरह जन्म लेता है- जो ऊर्जा, विचारों और संभावनाओं से निर्मित होता है। यह महज़ एक आयोजन नहीं, बल्कि एक जीवित अनुभव है, जहाँ हर व्यक्ति अपने भीतर की दुनिया से जुड़ता है और मिलकर एक साझा ब्रह्मांड रचता है।

इस वर्ष का चिन्ह (लोगो) भी इस अंतर्दृष्टि का प्रतीक है। यह प्राचीन सेल्टिक त्रिकेत्रा से प्रेरित एक प्रतीक है, जो तीन परस्पर जुड़े हुए आयामों को दर्शाता है। केंद्र में स्थित स्वर्ण तारा इन तीनों लोकों के सामंजस्य का प्रतीक है, और बाहरी वलय में १ से २० तक के रोमन अंक, मल्हार के २० विभागों का प्रतिनिधित्व करते हैं- जो मिलकर इस अद्वितीय ब्रह्मांड को रचते हैं। पहली आकृति में दलों से घिरी पूर्णिमा का चंद्रमा है- यह हमारे सपनों और महत्वाकांक्षाओं से बना “ऊपरी संसार” है। दूसरी में पहाड़ और पेड़ – यह हमारे चारों ओर का “भौतिक संसार” है, जो हमारे संबंधों से बनता है और हमें हमारी जड़ों की याद दिलाता है। तीसरी कृति में समुद्री लहरें हैं- यह “भीतरी संसार” है, जिसमें भावनाएँ, यादें और अंतर्ज्ञान बसते हैं। केंद्र में एक सुनहरा सितारा स्थित है, जो न क्षेत्रों के सामंजस्य का प्रतिनिधित्व करता है।

मल्हार में हर साल देश-विदेश की जानी-मानी हस्तियां शामिल होती हैं- विचारकों, कलाकारों और प्रेरकों की उपस्थिति इस आयोजन को और भी खास बनाती है। २०२५ में भी कई विशिष्ट नामों के आने की संभावना है, जिनकी घोषणा शीघ्र की जाएगी।

“मल्हार २०२५: एक दुनिया भीतर एक निमंत्रण है- न केवल एक उत्सव में भाग लेने का, बल्कि अपने भीतर झाँकने और मूहिक ऊर्जा से जुड़कर कुछ असाधारण रचने का।

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