“देशे देशे कलत्राणि देशे देशे च बान्धवाः।

सन्तु देशे न पश्यामि भ्राता एव सहोदरा।।”

विवाह के लिए लड़कियाँ हर जगह मिल जाएंगी, दोस्त-यार भी हर जगह मिल जाएंगे, लेकिन मैं ऐसी कोई जगह नहीं देखता जहाँ सहोदर भाई मिलते हों।

(रामायण मंजरी से)

तो रिश्तों की भीड़ में भाई-बहन का रिश्ता कुछ खास ही होता है। भाई-बहन एक-दूसरे के जहाँ सबसे बड़े आलोचक होते हैं, वहीं वे सबसे बड़े समर्थक भी होते हैं। और दुनियाभर में इस अनोखे रिश्ते को सम्मान तथा प्यार देने के लिए हर साल 10 अप्रैल को ‘सिब्लिंग डे’ मनाया जाता है।

सिब्लिंग डे की शुरुआत कैसे हुई?

इस दिन की शुरुआत सर्वप्रथम अमेरिका में हुई थी। सिब्लिंग डे की नींव रखने का श्रेय क्लाउडिया ईवर  को जाता है, जिन्होंने अपने भाई और बहन की याद में इस दिन को समर्पित किया था। क्लाउडिया ने कम उम्र में ही अपने भाई-बहन को खो दिया था। बाद में उन्होंने महसूस किया कि माता-पिता और प्रेमी दिवस (मदर्स डे, फादर्स डे, वैलेन्टाइन डे) जैसे रिश्तों के लिए समर्पित दिन तो हैं, लेकिन भाई-बहनों के रिश्ते के लिए कोई दिन नहीं है। इस विचार से प्रेरित होकर उन्होंने 1995 में “सिब्लिंग डे फाउन्डेशन” की स्थापना की और 10 अप्रैल को सिब्लिंग डे घोषित किया, जो उनकी दिवंगत बहन लिसा का जन्मदिन था।

अंतर्राष्ट्रीय मान्यता और बढ़ती लोकप्रियता

हालांकि यह दिन अमेरिका में शुरू हुआ था, लेकिन अब यह दुनिया के कई हिस्सों में मनाया जाने लगा है। कनाडा, भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया, नाइजीरिया, दक्षिण अफ्रीका और ब्रिटेन जैसे देशों में लोग सोशल मीडिया पर इसे बड़े चाव से मनाते हैं। संयुक्त राष्ट्र में इसे आधिकारिक मान्यता दिलाने के लिए भी प्रयास किये गए हैं। हालांकि अभी तक इसे वैश्विक स्तर पर आधिकारिक मान्यता नहीं मिली है।

इस दिन को मनाने का उद्देश्य बड़ा व्यापक हैः-

v  भाई-बहनों के रिश्ते को सम्मान देना

v  उनके योगदान और साथ को याद करना

v  दूरियों को मिटाकर संबंधों को फिर से जोड़ना

v  बचपन की यादों को ताज़ा करना

कैसे मनाया जाता है यह दिन?

अलग-अलग क्षेत्रों के लोग इस दिन को अलग-अलग तरीकों से मनाते हैं:

v  सोशल मीडिया पर भाई-बहनों के साथ बचपन की फोटो पोस्ट की जाती है।

v  भाई-बहन एक-दूसरे को तोहफे देकर प्यार जताते हैं।

v  दूर रहने वाले भाई-बहन फोन, मैसेज या वीडियो कॉल के ज़रिये जुड़ते हैं।

v  कई लोग इस दिन अपने भाई-बहनों को बिना बताये मिलने जाते हैं।

भारत में सिब्लिंग डे की स्थिति

भारत में पहले से ही रक्षाबंधन और भाई दूज जैसे त्यौहार हैं जो भाई-बहन के रिश्ते को समर्पित हैं। बावजूद इसके, पश्चिमी शैली में सोशल मीडिया और शहरी युवाओं के बीच सिब्लिंग डे लोकप्रिय हो रहा है। इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्म पर #SiblingDay और #HappySiblingDay खूब ट्रेंड करते हैं।

सिब्लिंग डे से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

v  सिब्लिंग डे अमेरिका में 49 राज्यों में मान्यता प्राप्त कर चुका है।

v  क्लाउडिया ईवर ने इस दिन को राष्ट्रीय अवकाश बनाने के लिए अमेरिकी कांग्रेस में प्रस्ताव भी रखा था।

v  नेशनल सिब्लिंग डे फाउंडेशन आज भी सिब्लिंग डे को वैश्विक मान्यता दिलाने के लिए काम कर रही है।

v  यूएन में इसे “इन्टरनेशनल सिब्लिंग्स डे” के रूप में मान्यता दिलाने के लिए प्रयास चल रहे हैं।

सिब्लिंग डे हमें याद दिलाता है कि व्यस्त जीवन में भाई-बहनों के साथ समय बिताना, उन्हें याद करना और प्यार जताना कितना जरूरी है। यह दिन सिर्फ एक उत्सव ही नहीं, बल्कि रिश्तों की मजबूती का प्रतीक भी है।

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