कोलकाता स्थित लेजर पावर एंड इंफ्रा लिमिटेड (एलपीआईएल) पूंजी बाजार में कदम रखने जा रही है। कंपनी का ₹742 करोड़ का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) 9 जुलाई से निवेशकों के लिए खुलेगा और 13 जुलाई तक बोली लगाने का अवसर रहेगा। कंपनी का कहना है कि आईपीओ से जुटाई गई पूंजी का उपयोग वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और भविष्य की विकास योजनाओं को गति देने के लिए किया जाएगा।
इस आईपीओ में ₹542 करोड़ के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, प्रमोटर शेयरधारकों की ओर से ₹200 करोड़ तक के शेयर बिक्री प्रस्ताव (ऑफर फॉर सेल) के तहत बेचे जाएंगे। नए शेयरों के जरिए जुटाई गई राशि का बड़ा हिस्सा, लगभग ₹490 करोड़, कंपनी अपने मौजूदा कर्ज के पुनर्भुगतान या पूर्व भुगतान में लगाएगी। शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों और कारोबार के विस्तार के लिए किया जाएगा।
लेजर पावर एंड इंफ्रा लिमिटेड बिजली पारेषण और वितरण क्षेत्र के लिए विभिन्न प्रकार के पावर केबल, कंडक्टर और विशेष उत्पादों का निर्माण करती है। कंपनी के उत्पादों का उपयोग बिजली अवसंरचना, रेलवे, औद्योगिक परियोजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाता है। देश में बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और बिजली नेटवर्क के विस्तार के कारण इस क्षेत्र की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसका लाभ कंपनी को मिलने की उम्मीद है।
कंपनी की पश्चिम बंगाल में तीन आधुनिक विनिर्माण इकाइयाँ हैं। इन इकाइयों की संयुक्त उत्पादन क्षमता 85,448 मीट्रिक टन है। यह क्षमता कंपनी को बड़े ऑर्डर समय पर पूरे करने और विभिन्न क्षेत्रों की मांग पूरी करने में सक्षम बनाती है। कंपनी लगातार अपनी उत्पादन क्षमता और तकनीकी दक्षता को बेहतर बनाने पर भी काम कर रही है।
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने ₹2,326 करोड़ का राजस्व दर्ज किया। इसी अवधि में उसका शुद्ध लाभ ₹151 करोड़ रहा। यह प्रदर्शन कंपनी के मजबूत परिचालन और बढ़ते कारोबार को दर्शाता है। वित्तीय परिणाम बताते हैं कि कंपनी ने पिछले वर्षों में अपने व्यवसाय का लगातार विस्तार किया है और लाभप्रदता बनाए रखी है।
31 मार्च 2026 तक कंपनी की ऑर्डर बुक ₹3,243 करोड़ रही। इतनी बड़ी ऑर्डर बुक आने वाले समय में कंपनी की आय को मजबूत आधार प्रदान करती है। कंपनी भारतीय रेलवे सहित कई सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और निजी क्षेत्र की कंपनियों को अपने उत्पादों की आपूर्ति करती है। इससे उसके ग्राहक आधार में विविधता बनी रहती है और कारोबार को स्थिरता मिलती है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में बिजली अवसंरचना के आधुनिकीकरण, रेलवे विद्युतीकरण, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं और स्मार्ट ग्रिड नेटवर्क के विस्तार के कारण केबल और वायर उद्योग में आने वाले वर्षों में तेज़ वृद्धि देखने को मिल सकती है। केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न योजनाओं के तहत बिजली नेटवर्क को मजबूत करने पर लगातार निवेश किया जा रहा है। ऐसे माहौल में इस क्षेत्र की कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, मजबूत ऑर्डर बुक, स्थिर वित्तीय प्रदर्शन और बढ़ती बाजार मांग के कारण लेजर पावर एंड इंफ्रा लिमिटेड का आईपीओ निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, किसी भी आईपीओ में निवेश करने से पहले निवेशकों को कंपनी के वित्तीय दस्तावेज, जोखिम कारकों और अपने निवेश उद्देश्यों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करना चाहिए।
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